वृन्दावन में खाकी शर्मसार: मोबाइल चोर और उसके परिवार ने होमगार्ड को पीटा

वृन्दावन के गौरी गोपाल आश्रम के पास चेकिंग के दौरान मोबाइल चोर, उसके पिता और महिलाओं ने ऑन-ड्यूटी होमगार्ड व प्लाटून कमांडर पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो को जेल भेजा।

वृन्दावन में खाकी शर्मसार: मोबाइल चोर और उसके परिवार ने होमगार्ड को पीटा
HIGHLIGHTS:

मोबाइल चोरी के शक में पकड़े गए युवक सिद्धार्थ, उसके पिता और तीन महिलाओं ने बीच सड़क पर होमगार्ड और प्लाटून कमांडर को बेरहमी से पीटा।

वर्दी का अपमान: हमलावरों ने प्लाटून कमांडर गोपाल प्रसाद के कंधे पर सजे 'स्टार' नोच डाले और उनके हाथ के अंगूठे को दांतों से बुरी तरह चबा लिया।

कड़ा कानूनी ऐक्शन: पुलिस ने नव्य कानून की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा।

श्याम बिहारी भार्गव/ जन माध्यम
 मथुरा।
 कान्हा की नगरी वृन्दावन में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुप्रसिद्ध गौरी गोपाल आश्रम के पास ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड और बीच-बचाव करने आए प्लाटून कमांडर पर एक शातिर चोर और उसके पूरे परिवार ने मिलकर हिंसक हमला कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के दौरान न सिर्फ ऑन-ड्यूटी जवानों को लहूलुहान किया गया, बल्कि खाकी की गरिमा को तार-तार करते हुए अधिकारी के कंधे के सितारे (स्टार) तक नोच लिए गए।

वारदात परिक्रमा मार्ग स्थित गौरी गोपाल आश्रम के समीप की है। यहाँ तैनात होमगार्ड सूरजमल को आश्रम के सुरक्षा गार्ड अशोक ने एक युवक को सौंपते हुए बताया कि इसे मोबाइल चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। होमगार्ड सूरजमल ने जब कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी युवक से पूछताछ शुरू की, तो वह बिफर गया। खुद को घिरता देख आरोपी सिद्धार्थ गाली-गलौज करते हुए सीधे होमगार्ड से हाथापाई पर उतारू हो गया।

इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे चेकिंग अधिकारी प्लाटून कमांडर गोपाल प्रसाद ने जब हंगामा होते देखा, तो उन्होंने वायरलेस सेट पर तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देनी चाही। जैसा कि सुरक्षा ड्यूटी के दौरान की इस प्रतीकात्मक तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है, हाथ में वॉकिटॉकी लिए मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों पर अचानक हमला करना कानून को खुली चुनौती देने जैसा है।

मामला तब और बिगड़ गया जब आरोपी युवक सिद्धार्थ के समर्थन में उसका पिता अतुल और उनके साथ आईं तीन अन्य महिलाएं भी मोर्चे पर आ गईं। इन सभी ने मिलकर दोनों ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर एक साथ हमला बोल दिया।

आरोपियों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; उन्होंने प्लाटून कमांडर गोपाल प्रसाद की वर्दी पर झपट्टा मारकर उनके कंधे पर लगे 'स्टार' उखाड़ फेंके। इस खूनी झड़प के दौरान एक आरोपी ने कमांडर गोपाल प्रसाद के बाएं हाथ के अंगूठे को अपने दांतों से इस कदर चबाया कि वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। बीच सड़क पर खाकी वर्दीधारियों के साथ हो रही इस मारपीट का मौके पर मौजूद राहगीरों ने वीडियो साक्ष्य भी तैयार कर लिया।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमे में भारी आक्रोश है। सीओ सदर पीपी सिंह ने बताया कि पीड़ित होमगार्ड सूरजमल की तहरीर और मौके के वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता  की धारा 191(2) (दंगा करना), 121(1) (लोक सेवक को स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 132 (प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने के लिए हमला) और 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी सिद्धार्थ और उसके पिता अतुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि वारदात में शामिल महिलाओं की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।