चेकिंग में फंसा अपराध, तमंचे के साथ युवक सलाखों के पीछे

शाही थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को अवैध 12 बोर तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

चेकिंग में फंसा अपराध, तमंचे के साथ युवक सलाखों के पीछे
HIGHLIGHTS:

➡️ शाही थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान
➡️ संदिग्ध युवक को पुलिस ने मौके से पकड़ा
➡️ अवैध 12 बोर तमंचा और कारतूस बरामद
➡️ आरोपी गुड्डू उर्फ घमंडी गिरफ्तार
➡️ न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
➡️ सर्दियों में चेकिंग अभियान और तेज करने के निर्देश

जन माध्यम।

दीनानाथ कश्यप। शाही (बरेली)।

अपराध के खिलाफ शाही पुलिस का प्रहार लगातार जारी है। क्षेत्र में चलाए जा रहे ताबड़तोड़ चेकिंग अभियानों ने अपराधियों के भीतर भय का माहौल पैदा कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस ने एक युवक को अवैध 12 बोर तमंचा और एक कारतूस के साथ गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

थानाध्यक्ष राजेश कुमार बैसला ने बताया कि क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर अपराधियों पर अंकुश लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शाही थाना पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को भी पुलिस टीम अभियान के तहत क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ठिरिया कल्याणपुर नदी की ओर जाने वाले मार्ग के पास एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पुलिस को देखते ही युवक घबरा गया और झपकने लगा, जिससे शक और गहरा हो गया।

संदेह के आधार पर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध 12 बोर तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम गुड्डू उर्फ घमंडी पुत्र चुन्नी लाल, निवासी गांव संग्रामपुर, थाना शाही, जिला बरेली बताया। आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह अवैध तमंचा और कारतूस किसी अज्ञात युवक से खरीदा था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

थानाध्यक्ष राजेश कुमार बैसला ने स्पष्ट कहा कि सर्दी के मौसम में यह चेकिंग अभियान और अधिक तेज किया जाएगा। किसी भी हाल में अपराधियों को खुला नहीं छोड़ा जाएगा और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

शाही पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अपराध चाहे जितना भी छिपा हो, कानून की नजर से बच नहीं सकता।