कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा
बरेली में स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला पद की मुख्य परीक्षा 22 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
➡️ स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला पद की मुख्य परीक्षा संपन्न
➡️ जिले में बनाए गए 22 परीक्षा केंद्र
➡️ एक ही पाली में 10,152 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
➡️ बायोमीट्रिक सत्यापन के साथ कड़ी निगरानी
जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला पद की मुख्य परीक्षा रविवार को जिलेभर में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कराई गई, जिसमें कुल 10,152 पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
जिले में बनाए गए 22 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न कराई गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर और देहात क्षेत्र के सभी केंद्रों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। नकल और अन्य किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी गई। केंद्रों के बाहर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, जिससे परीक्षार्थियों को शांत वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सका। बरेली कॉलेज परिसर में परीक्षा को लेकर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। यहां कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा बरेली इंटर कॉलेज, सीबीगंज इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज के ब्लॉक ए और बी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जीजीआईसी राजकीय इंटर कॉलेज जीआईसी और इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में भी परीक्षा कराई गई। शहर के अन्य प्रमुख स्कूल-कॉलेजों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इनमें केपीआरसी कला केंद्र, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, एमबी इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, एसवी इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज, श्री गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज, पीसी आजाद इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और विष्णु इंटर कॉलेज शामिल रहे।
परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। प्रवेश से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन किया गया और पहचान पत्रों की जांच के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। किसी भी केंद्र से नकल या अव्यवस्था की कोई शिकायत सामने नहीं आई, जिससे प्रशासन और आयोग ने राहत की सांस ली।