लेखपाल गैंग मामला: मुख्य सरगना विजय अग्रवाल, करोड़ो हडपे, पुलिस ने करदी ये बड़ी कार्रवाई...

लेखपाल गैंग मामला: मुख्य सरगना विजय अग्रवाल, करोड़ो हडपे, पुलिस ने करदी ये बड़ी कार्रवाई...
फोटो: गैंग का सरगना विजय अग्रवाल

बरेली। बरेली पुलिस ने करोड़ों रुपये की ज़मीनों पर कब्जा करने, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। निलंबित लेखपाल सावन जायसवाल और उनके गैंग का मुख्य सरगना विजय अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। थाना कैंट में दर्ज एक मामले में लेखपाल सावन कुमार और अमित राठौर के साथ विजय अग्रवाल समेत 22 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। विजय अग्रवाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक विजय अग्रवाल फिलहाल फरार हैं और उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है। आरोप है कि इस गैंग ने 1500 रुपये लेकर एक बुजुर्ग से फर्जी गवाही करवाई। शिकायत करने पर बुजुर्ग को धमकियां दी गईं।

बुजुर्ग से फर्जी गवाही करवाई

बारादरी थाना क्षेत्र के हरूनगला निवासी बुजुर्ग हरिओम ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें गवाही के लिए लालच देकर रजिस्ट्री ऑफिस बुलाया गया, जहां उन्हें 1500 रुपये दिए गए। बाद में पता चला कि इस जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया था। पुलिस ने इस मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें लेखपाल सावन जायसवाल और अमित राठौर उर्फ तिलकधारी का नाम प्रमुख है।

गैंग के अन्य सदस्य भी हो सकते हैं शामिल

हरिओम की शिकायत के बाद पुलिस ने सोनिया बैटरी के मालिक का नाम भी लिया है, जिसे गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस अब सोनिया बैटरी के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

अब तक नौ केस दर्ज, कई आरोपी गिरफ्तार

सावन जायसवाल गैंग पर अब तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से तीन मुकदमे बारादरी और तीन मुकदमे कैंट थाने में दर्ज हैं। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया जारी है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि गिरोह के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। हमने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और विजय अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।

बुजुर्गों और कमजोर वर्ग पर धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस की पैनी नज़र

पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने बुजुर्गों और कमजोर वर्ग को निशाना बनाकर फर्जी गवाहियां करवाईं और बड़ी साजिश के तहत जमीनों के दस्तावेजों में हेरफेर किया। पुलिस अब इन मामलों में और भी गहराई से जांच कर रही है।