फायरिंग में शामिल तीन वांछित आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

हस्तिनापुर में पुलिस और स्वाट टीम की कार्रवाई में तीन वांछित आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। एक घायल, दो अवैध तमंचे, चार कारतूस और बाइक बरामद।

फायरिंग में शामिल तीन वांछित आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

➡️ फायरिंग में तीन आरोपी गिरफ्तार
➡️ एक घायल, दो तमंचे और चार कारतूस बरामद
➡️ बिना नंबर वाली बाइक जब्त
➡️ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सफलता
➡️ अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास

एक आरोपी घायल, दो अवैध तमंचे, चार कारतूस और बाइक बरामद, अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी

जन माध्यम
मेरठ।
हस्तिनापुर क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई ने बीती रात एक बड़ी सफलता हासिल की। गांव पाली में हुई फायरिंग की घटना में वांछित तीन अभियुक्तों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया, जिसमें से एक अभियुक्त पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ। अभियुक्तों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा और दो खोखे कारतूस तथा एक बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बरामद की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में और क्षेत्राधिकारी मवाना की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। 16/17 नवंबर की रात थाना हस्तिनापुर पुलिस और स्वाट टीम संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध युवक बाइक पर सवार होकर लुकाधड़ी पुल की ओर से आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे बाइक दौड़ाकर द्रोपदी घाट की तरफ भागने लगे।

पुलिस टीम ने पीछा किया और तेज रफ्तार में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। गिरने के बाद एक आरोपी ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आकाश पुत्र सतीश निवासी पाली घायल हो गया। उसके साथी आदित्य उर्फ रामू चपराना निवासी पबला और वंश उर्फ पीके निवासी पबला को घेरकर गिरफ्तार किया गया। घायल आरोपी को सीएचसी हस्तिनापुर में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।

आरोपियों के कब्जे से दो 315 बोर के अवैध तमंचे, दो जिंदा और दो खोखे कारतूस और बिना नंबर प्लेट की पैशन प्रो मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने इनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 22 अगस्त को सतेन्द्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कुछ युवक प्राथमिक विद्यालय के पास मजदूरों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज और धमकी दे रहे थे। इसके बाद 6 नवंबर को वादी का भाई लोकेन्द्र मोटरसाइकिल से घर लौटते समय जातिसूचक शब्दों के साथ जानलेवा फायर का शिकार हुआ। उसी रात आरोपियों ने वादी के घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों पर कई राउंड फायरिंग की थी। इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष उर्फ मास्टर को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है, जिनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि भविष्य में क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस टीम में स्वाट प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सहित थाना हस्तिनापुर के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। पुलिस की तत्परता और सतर्कता के कारण इलाके में संभावित बड़े हादसे को रोका जा सका।