दिल्ली ब्लास्ट में मेरठ के मोहसिन की मौत
दिल्ली लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में मेरठ के मोहसिन की मौत हो गई। 35 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दो बच्चों का पिता था और रोज़ की कमाई से परिवार का गुज़ारा करता था।
→ लाल किले के पास धमाके में मेरठ निवासी मोहसिन की मौत
→ ई-रिक्शा चलाकर करता था परिवार का गुज़ारा
→ दो बच्चों का पिता था, उम्र मात्र 35 साल
→ अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में विवाद
→ परिजनों ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की
दिल्ली ब्लास्ट में मेरठ के मोहसिन की मौत, ई-रिक्शा चलाकर करता था परिवार का गुज़ारा
जन माध्यम
मेरठ। दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में मेरठ निवासी मोहसिन (35) की दर्दनाक मौत हो गई। मोहसिन पेशे से ई-रिक्शा चालक था और अपने परिवार का गुज़ारा रोजाना ₹500-600 की कमाई से करता था। हादसे के वक्त वह सवारी लेकर जा रहा था, तभी ई-रिक्शा के पास कार में ब्लास्ट हो गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मोहसिन मूल रूप से मेरठ का रहने वाला था और करीब दो साल पहले रोज़गार की तलाश में दिल्ली चला गया था। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ वहीं रह रहा था। दस साल पहले उसकी शादी हुई थी। मोहसिन के पांच भाई हैं, जो सभी दिहाड़ी मजदूरी कर अपने-अपने परिवार का पेट पालते हैं।
धमाके की खबर मिलते ही मेरठ स्थित मोहसिन के घर में कोहराम मच गया। पिता रफीक, जो हैंडलूम फैक्ट्री में काम करते हैं, बेटे की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गऐ। परिवार अब सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।
वहीं, मोहसिन के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों में विवाद की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि मोहसिन की पत्नी और उसका मायका पक्ष दिल्ली में ही दफनाना चाहता है, जबकि पिता रफीक मेरठ के अपने कब्रिस्तान में बेटे को सुपुर्द-ए-ख़ाक करना चाहते हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में तनातनी जारी है।
मोहसिन के परिवार के मुताबिक, वे सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि इस दुखद हादसे में उन्हें उचित सहायता और न्याय मिले।