बारिश से किसानों में खुशी और चिंता दोनों

शाही क्षेत्र में हुई बारिश से गेहूं, गन्ना और मसूर की फसलों को फायदा मिला है, जबकि सरसों व अन्य तिलहनी फसलों को नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं।

बारिश से किसानों में खुशी और चिंता दोनों
HIGHLIGHTS:

➡️ शाही क्षेत्र में मंगलवार से हुई बारिश
➡️ गेहूं, गन्ना और मसूर की फसलों को लाभ
➡️ सरसों, अलसी, लैटा व लाई की फसल को नुकसान की आशंका
➡️ किसानों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं का डर

जन माध्यम
शाही (बरेली)।
शाही क्षेत्र में मंगलवार दोपहर से हुई बारिश किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आई है। हल्की हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ शुरू हुई बारिश से जहां कुछ फसलों को फायदा मिल रहा है, वहीं कई प्रमुख फसलों के खराब होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

किसानों के अनुसार गेहूं, गन्ना और मसूर की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है। जिन किसानों के खेतों में ये फसलें खड़ी हैं, उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। बारिश से इन फसलों की बढ़वार को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं दूसरी ओर सरसों, अलसी, लैटा और लाई जैसी फसलों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है। जिन किसानों की सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है, वे मायूस नजर आ रहे हैं। किसानों को सबसे अधिक डर ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सता रहा है, क्योंकि अत्यधिक बारिश और ओले गिरने से छह महीने की मेहनत पर पानी फिर सकता है।

शाही क्षेत्र के गांव जुनहाई के किसान कृष्णपाल और केपी सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 35 बीघा में सरसों की फसल बोई है, जो लगभग 80 प्रतिशत पककर तैयार खड़ी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ज्यादा बारिश हुई तो उनकी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

वहीं छोटा बसावन निवासी सोहनलाल कश्यप ने बताया कि उनके चार बीघा खेत में लैटा की फसल लगी है, जिस पर बारिश का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।

इस संबंध में शाही भाजपा मंडल अध्यक्ष अनुरोध सिंह ने कहा कि अधिक बारिश से केवल सरसों ही नहीं, बल्कि अन्य फसलों को भी नुकसान हो सकता है। वहीं मंडल उपाध्यक्ष सत्यपाल यदुवंशी ने बताया कि जहां गेहूं की फसल को बारिश से लाभ है, वहीं सरसों की पकी फसल के लिए यह बारिश नुकसानदायक है।

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