याद किए गए गीतकार गोपाल दास नीरज
पद्म भूषण गीतकार गोपाल दास नीरज का जन्म शताब्दी समारोह साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था हिन्दी व्यवहार संगठन द्वारा उपजा प्रेस क्लब सभागार में मनाया गया। इस समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने की। कार्यक्रम में नीरज जी के काव्य और गीतों की सराहना करते हुए उनके योगदान पर चर्चा की गई और उनकी रचनाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बरेली। पदम् भूषण गीतकार गोपाल दास नीरज का जन्म शताब्दी समारोह साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था हिन्दी व्यवहार संगठन के द्वारा उपजा प्रेस क्लब सभागार में मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने की। मुख्य अतिथि उपजा के अध्यक्ष डॉ. पवन सक्सेना रहे। उन्होंने कहा कि नीरज जैसे कवि अपनी कविता से अमर हो जाते हैं। नीरज जी में अपने गीतों और ग़ज़लों से लोगों को सम्मोहित कर देने का हुनर था। अध्यक्ष निष्पक्ष जी ने कहा कि नीरज जी बहुत संवेदनशील गीतकार थे। वे मनुष्यता में विश्वास रखते थे। नवगीतकार रमेश गौतम ने कहा कि नीरज जी ने प्रेम के गीतकार थे। प्रेम को उन्होंने जीवन मूल्य के रूप में अपने गीतों के माध्यम से स्थापित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश यादव ने कहा कि नीरज जी फिल्मी गीतों को साहित्यिक सांचे में ढालकर उन्हें जनप्रिय बनाया। विशिष्ट अतिथि गीतकार कमल सक्सेना ने नीरज के संस्मरण सुनाए।
इंद्रदेव त्रिवेदी, विनय अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, वीरेंद्र अटल, सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, अमित कंचन, विकल, सुंदरम शर्मा, मुकेश तिवारी, लोटा मुरादाबादी, रमेश रंजन, रितेश साहनी, सुयोग्य सिंह आदि ने नीरज के संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम का आयोजन प्रमोद कुमार अग्रवाल ने किया।