मिशन शक्ति को नई धार

बरेली परिक्षेत्र में डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान को नई दिशा मिली। महिला सुरक्षा, परामर्श और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति केन्द्र अब 360 डिग्री सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

मिशन शक्ति को नई धार
HIGHLIGHTS:

➡️ डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 को नई दिशा
➡️ बरेली, बदायूँ, पीलीभीत, शाहजहाँपुर में महिला सुरक्षा मजबूत
➡️ मिशन शक्ति केन्द्र अब शिकायत से न्याय तक 360° सहयोग
➡️ कौशल कार्यशाला में संवेदनशीलता, परामर्श, SOP प्रशिक्षण

जन माध्यम 
बरेली।
महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सिर्फ नीतियों तक सीमित न रखकर उसे ज़मीनी हकीकत में बदलने का काम अगर परिक्षेत्र में किसी ने किया है, तो वह नाम है डीआईजी अजय कुमार साहनी। उनके कुशल निर्देशन में परिक्षेत्र के चारों जनपद बरेली, बदायूँ, पीलीभीत और शाहजहाँपुर में संचालित मिशन शक्ति केन्द्र अब केवल पुलिस की एक इकाई नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं के लिए भरोसे का मजबूत सहारा बनते जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सोच के अनुरूप प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान फेज 5 चलाया जा रहा है। इसी अभियान को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए डीआईजी अजय कुमार साहनी ने न केवल नियमित समीक्षा की, बल्कि टीमों को संवेदनशील, प्रशिक्षित और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया। इसका उदाहरण जीआईसी ऑडिटोरियम, में आयोजित कौशल कार्यशाला एवं गोष्ठी है, जिसने मिशन शक्ति 5.0 को नई दिशा दी। इस कार्यशाला में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने हाइब्रिड मोड में प्रतिभाग कर डीआईजी अजय कुमार साहनी और परिक्षेत्रीय टीमों के कार्यों की प्रशंसा की। वहीं एडीजी जोन रमित शर्मा और मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी ने भी मिशन शक्ति को महिला सशक्तिकरण का मजबूत मंच बताया। यह स्पष्ट करता है कि डीआईजी साहनी का नेतृत्व केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि विश्वास और प्रेरणा का केंद्र है। डीआईजी साहनी की सोच साफ है मिशन शक्ति केन्द्र केवल शिकायत दर्ज करने की जगह नहीं, बल्कि ‘एकल समाधान केंद्र हैं। उनके मार्गदर्शन में इन केन्द्रों को ऐसा मंच बनाया गया, जहाँ पीड़िता को शिकायत से लेकर परामर्श, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहयोग और न्यायिक प्रक्रिया की पूर्णता तक 360 डिग्री सहयोग मिलता है। यही कारण है कि मिशन शक्ति अब डर का नहीं, भरोसे का नाम बन रहा है।

कार्यशाला में परिवार परामर्श केन्द्र के माध्यम से टूटते परिवारों को जोड़ने, क्लीनिकल साइकोलॉजी के जरिए पीड़िताओं से संवाद की कला, शुरुआती 10 मिनट की संवेदनशील बातचीत, और महिला अपराधों की विवेचना में मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। यह सब डीआईजी साहनी की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें पुलिस को सिर्फ कानून का रक्षक नहीं, बल्कि समाज का सहारा बनना है। सबसे सराहनीय पहलू यह रहा कि डीआईजी अजय कुमार साहनी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली मिशन शक्ति टीमों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया। बरेली, बदायूँ, पीलीभीत और शाहजहाँपुर के कई थानों की टीमों को पुरस्कार देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि अच्छा काम सिर्फ अपेक्षा नहीं, बल्कि सम्मान के योग्य है। यह महिलाओं के चेहरे पर लौटते भरोसे, थानों में बढ़ती संवेदनशीलता और मिशन शक्ति के मजबूत होते ढांचे में साफ दिखाई देता है। बरेली परिक्षेत्र में मिशन शक्ति आज अगर असरदार है, तो उसके पीछे एक दूरदर्शी, मानवीय और कर्मठ नेतृत्व खड़ा है,जिसका नाम है अजय कुमार साहनी।