अमेरिका पर मासूमों के खून का आरोप
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारतीय प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका और इज़राइल पर गंभीर आरोप लगाए और मासूम बच्चों की हत्या का मुद्दा उठाया
अमेरिका पर मासूम बच्चों की हत्या का आरोप
ईरान पर हमलों को बताया थोपा गया युद्ध
अमेरिका और इज़राइल पर आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का दावा
सभा में कई धार्मिक विद्वानों ने भी रखे विचार
सरफराज़ खान। जन माध्यम
बरेली। सैंथल। एक मासूम बच्चे की चीख जब दुनिया की सियासत में दब जाती है तो इंसानियत भी कहीं खो जाती है। इसी दर्द को शब्द देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर के भारतीय प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका और इज़राइल पर तीखा हमला बोला और कहा कि दुनिया की ताकतें मासूमों के खून से खेल रही हैं।
इमामबाड़ा ए काज में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए इलाही ने आरोप लगाया कि अमेरिका छोटे छोटे बच्चों का कातिल है और उसने ईरान को कमजोर समझने की बड़ी भूल की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यह सोचा था कि वह ईरान को कुछ ही दिनों में खत्म कर देगा, लेकिन यह संभव नहीं हो सका क्योंकि हालात किसी इंसान के नहीं बल्कि ऊपर वाले के हाथ में होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ सबसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार कई देशों की ताकत एक साथ ईरान के खिलाफ लगी और बड़े पैमाने पर हमले किए गए। हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी इस तनाव को दर्शाते हैं, जहां अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया से पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हुआ है।
इलाही ने यह भी दावा किया कि इस युद्ध में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और कई निर्दोष लोग इसकी चपेट में आए। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की बल्कि यह उस पर थोपा गया संघर्ष था। हाल ही में दिए गए अपने एक बयान में भी उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिका ने ईरान पर हजारों हमले किए और हालात को और गंभीर बना दिया।
सभा में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई और शांति की अपील की। कार्यक्रम में शाहीन रज़ा जैदी, अश्जे रज़ा जैदी और मौलाना फ़राज़ वास्ती सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे, जबकि संचालन मौलाना रियाज असकरी ने किया।
इससे पहले जामिया ए मेंहदिया पहुंचने पर अब्दुल मजीद हकीम इलाही का भव्य स्वागत किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनका अभिनंदन किया और उनके विचारों को गंभीरता से सुना।