बारिश से गेहूं प्रभावित, मथुरा में फसल घटने की आशंका
मथुरा में लगातार बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित, कृषि अधिकारियों ने निरीक्षण कर दिए जरूरी निर्देश, मुआवजे की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित
उत्पादन में गिरावट की आशंका
अधिकारियों ने दिए अलग भंडारण के निर्देश
बीमा कंपनियों को सर्वे तेज करने के आदेश
श्याम बिहारी भार्गव । जन माध्यम
मथुरा। खेतों में लहलहाती फसल जब बारिश की मार से झुकने लगती है, तो किसान की उम्मीदें भी उसी के साथ टूटती नजर आती हैं। मथुरा में कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों देखने को मिल रहा है।
जनपद में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) अनिल कुमार पाठक ने राजकीय कृषि क्षेत्र जैत और छरोरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सरसों की फसल की कटाई पूरी हो चुकी है, लेकिन गेहूं की फसल अभी खेतों में खड़ी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर फसल जमीन पर गिर चुकी है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
अपर कृषि निदेशक ने मौके पर ही निर्देश दिए कि जो फसल जमीन पर गिर गई है, उसकी मड़ाई अलग से की जाए और उसका भंडारण व विधायन अलग रखा जाए। वहीं जो फसल अभी खड़ी है, उसकी कटाई और भंडारण अलग तरीके से किया जाए, ताकि बीज की गुणवत्ता पर असर न पड़े।
उन्होंने फसल बीमा कंपनी को भी सख्त निर्देश दिए कि सभी ब्लॉकों में अपनी टीम सक्रिय करें और पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का जल्द से जल्द भौतिक सत्यापन करें। साथ ही सर्वे रिपोर्ट समय पर भेजी जाए, ताकि किसानों को बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा जल्द मिल सके।
अब किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है। सवाल यही है क्या इस बार नुकसान की भरपाई समय पर होगी या किसान फिर इंतजार में ही रह जाएंगे?