जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद विरोध का उबाल

जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद विरोध का उबाल

बरेली। कांग्रेस पार्टी ने बरेली में नए नेतृत्व के नाम का ऐलान कर दिया है और अब सियासी पानी में हलचल मच गई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा गुरुवार रात जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की घोषणा के बाद जहां कुछ नेताओं के चेहरे पर मुस्कान है। तो वहीं विरोध का ज्वाला भी लपकने लगा है।

कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी और महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नाम की घोषणा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ा दी है। अशफाक सकलैनी ने एक बार फिर से जिले की कमान संभाली है। वहीं दिनेश दद्दा को महानगर अध्यक्ष बना दिया गया। जिनका कांग्रेस से 44 साल पुराना रिश्ता है। दद्दा ने इस फैसले को अपने जीवन के संघर्ष का फल बताया और कहा 44 साल की मेहनत अब रंग लाई है और मैं पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करूंगा।

लेकिन जैसे ही यह घोषणा हुई बरेली में सियासी खेल में एक नया मोड़ आ गया। कांग्रेस नेता पंडित राज शर्मा ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि यह कदम पार्टी को खोखला करने के लिए लिया गया है और इससे पार्टी के अंदर असंतोष फैलने की पूरी संभावना है। शर्मा ने राष्ट्रीय नेतृत्व से अपील की है कि इस निर्णय पर फिर से विचार किया जाए और अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी को और बड़ी मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं।