नाले में मिला नवजात और उठे व्यवस्था पर सवाल
बरेली के सिरौली में नाले में नवजात का शव मिलने से सनसनी, निजी नर्सिंग होम और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
नाले में मिला नवजात शिशु का शव
नर्सिंग होम के पास मिली लाश से बढ़ा शक
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इलाके में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
हसीन दानिश। जन माध्यम
बरेली। एक मासूम जिसने अभी दुनिया देखनी भी शुरू नहीं की थी, उसे इस तरह नाले में फेंक दिया गया कि इंसानियत भी शर्मसार हो उठी और पूरा समाज खुद से सवाल पूछने लगा।
कस्बा सिरौली में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक नाले में नवजात शिशु का शव मिला। यह दर्दनाक घटना एसके नर्सिंग होम जच्चा बच्चा केंद्र से महज कुछ दूरी पर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह टहलने निकले लोगों की नजर जैसे ही नाले में पड़े शव पर पड़ी, इलाके में अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती अंदेशा है कि किसी मजबूर या भयभीत मां ने रात के अंधेरे में इस मासूम को यहां फेंक दिया।
लेकिन स्थानीय लोगों की आशंकाएं इस मामले को और गंभीर बना रही हैं। लोगों का कहना है कि सिरौली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, जहां नियमों की अनदेखी और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे में इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध गर्भपात और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां भी संचालित हो सकती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सख्त निगरानी नहीं की जाती। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन संस्थानों की जांच होती, तो शायद इस तरह की घटनाएं सामने न आतीं।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है। जिस स्थान पर रोज नवजातों को जन्म दिया जाता है, उसके पास इस तरह शव मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
इलाके में लोगों में भारी आक्रोश है। महिलाएं और बच्चे भी इस घटना से सदमे में हैं। समाजसेवी संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र के सभी निजी नर्सिंग होमों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस मासूम को इंसाफ मिलेगा या यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। यह घटना सिर्फ एक नवजात की मौत नहीं, बल्कि इंसानियत और व्यवस्था दोनों की परीक्षा है।