वृंदावन गेस्टहाउस में श्रद्धालुओं से मारपीट, प्रोफेसर घायल
वृंदावन में गेस्टहाउस की अव्यवस्थाओं की शिकायत पर श्रद्धालुओं से मारपीट, एम्स की प्रोफेसर का हाथ टूटा, पुलिस जांच में जुटी।
गेस्टहाउस में अव्यवस्था पर विरोध करना पड़ा भारी
संचालक और साथियों ने की मारपीट
एम्स की प्रोफेसर का हाथ टूटा
पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का आश्वासन
श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा। आस्था की नगरी में जब श्रद्धालु ही सुरक्षित न रहें, तो यह सिर्फ घटना नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन जाती है।
वृंदावन में पश्चिम बंगाल से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के साथ गेस्टहाउस में मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अव्यवस्थाओं की शिकायत करना ही उनके लिए मुसीबत बन गया।
जानकारी के अनुसार खड़गपुर और भुवनेश्वर से आए 19 श्रद्धालुओं का दल, जिसमें चार बच्चे भी शामिल थे, दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचा था। ई-रिक्शा चालक उन्हें चैतन्य विहार पंचकूल रोड स्थित एक गेस्टहाउस में लेकर गया, जहां उन्होंने तीन कमरे लिए और 3300 रुपये भुगतान किया।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि कमरों में न तो एसी की व्यवस्था थी, न पानी उपलब्ध था। दरवाजे टूटे हुए थे, गंदगी और खटमल की भरमार थी। जब उन्होंने इन अव्यवस्थाओं को लेकर गेस्टहाउस संचालक से शिकायत की, तो सुधार के बजाय विवाद शुरू हो गया।
मामला तब और बिगड़ गया जब श्रद्धालुओं ने पैसे वापस करने की मांग की। आरोप है कि गेस्टहाउस संचालक और उसके आधा दर्जन साथियों ने गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस हमले में चार लोग घायल हुए, जिनमें भुवनेश्वर एम्स की एसोसिएट प्रोफेसर श्याम देवी का हाथ टूट गया। इसके अलावा अजीत सरकार और महेश देव भी घायल हुए हैं।
श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से शिकायत की, तो शुरुआत में उन पर ही समझौते का दबाव बनाया गया। हालांकि बाद में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है क्या धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सिर्फ दावों तक सीमित है? अगर आस्था के शहर में ही लोग असुरक्षित महसूस करें, तो जिम्मेदारी किसकी है?