उत्तरायणी मेले में समाजवादी नेताओं का सम्मान
बरेली क्लब मैदान में आयोजित उत्तरायणी मेले में समाजवादी पार्टी के नेताओं को सम्मानित किया गया। नेताओं ने इसे कौमी एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक बताया।
➡️ उत्तरायणी मेले में सपा नेताओं का सम्मान
➡️ पटका पहनाकर किया गया अभिनंदन
➡️ बरेली को बताया गया ‘मिनी उत्तराखंड’
➡️ कौमी एकता और सांस्कृतिक सौहार्द पर जोर
हसीन दानिश/ जन माध्यम
बरेली। उत्तरायणी मेला समिति की ओर से बरेली क्लब मैदान में आयोजित उत्तरायणी मेले के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजीव कुमार सक्सेना एवं जिला उपाध्यक्ष सैय्यद हैदर अली को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नेताओं ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बरेली में उसके जीवंत स्वरूप की सराहना करते हुए सामाजिक सौहार्द और कौमी एकता पर जोर दिया।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए संजीव कुमार सक्सेना ने कहा कि उत्तरायणी मेले के माध्यम से आज बरेली में उत्तराखंड की संस्कृति सजीव रूप में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “यह मेला न केवल उत्तराखंड से जुड़े प्रवासियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है, बल्कि पूरे शहर को देवभूमि के रंग में रंग देता है। आज बरेली सचमुच मिनी उत्तराखंड का रूप ले चुकी है।”
वहीं समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सैय्यद हैदर अली ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का देश है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “आज उत्तरायणी मेला बरेली में समा गया है और बरेली उत्तराखंड में। यही सांस्कृतिक संगम हिंदुस्तान की पहचान है, जहां कौमी एकता मजबूत होती है।”
कार्यक्रम में उत्तरायणी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कुमार पंत एवं पूर्व अध्यक्ष ठाकुर प्रमोद सिंह बिष्ट ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को बरेली में जीवंत रखने का निरंतर प्रयास है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष यह आयोजन आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करता है।
इस अवसर पर शारिक खान, अमित शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि उत्तरायणी मेला प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के आसपास बरेली क्लब मैदान में आयोजित होता है, जहां उत्तराखंड की पारंपरिक कला, लोकनृत्य, व्यंजन और हस्तशिल्प का भव्य प्रदर्शन किया जाता है। यह मेला अब बरेली की पहचान बन चुका है और शहर को सांस्कृतिक रूप से ‘मिनी उत्तराखंड’ का स्वरूप देता है।