बरेली जिला अस्पताल बेहाल, भीषण गर्मी में ओपीडी पर्चे के लिए हाहाकार

बरेली जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। बदइंतजामी से जनता परेशान।

HIGHLIGHTS:

* भीषण गर्मी में आफत: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच टिन शेड या शामियाने के बिना धूप में खड़े होने को मजबूर हैं मरीज।


* सिर्फ 3 काउंटर चालू: 10 काउंटरों की व्यवस्था के बावजूद अस्पताल प्रशासन महज 3 काउंटर ही चला रहा है।


* बुजुर्ग और बच्चे बेहाल: वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग लाइन नहीं, घंटों इंतजार से मरीज हो रहे और बीमार।

बरेली जिला अस्पताल खुद बीमार: भीषण गर्मी में ओपीडी पर्चे के लिए घंटों तपने को मजबूर मरीज

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिला अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं खुद बीमार नजर आ रही हैं। आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच जिला अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में ओपीडी का एक अदद पर्चा बनवाने के लिए बीमार महिलाओं, बुजुर्गों और मासूम बच्चों को तपती धूप में दो-दो घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।

ग्राउंड जीरो पर हालात इतने बदतर हैं कि ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर मरीजों को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए टिन शेड या शामियाने तक का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिससे अस्पताल प्रशासन की संवेदनशीलता और दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिना छांव तप रहे मरीज, चरमराई व्यवस्था

भीषण गर्मी के इस दौर में जहाँ डॉक्टर लोगों को धूप और लू से बचने की सलाह दे रहे हैं, वहीं बरेली के इस मुख्य सरकारी अस्पताल में आकर लोग और ज्यादा बीमार होने को मजबूर हैं। पर्चा काउंटर पर घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रही महिलाओं और बच्चों का धूप में खड़ा होना दूभर हो गया है। यह स्थिति अस्पताल की धीमी कार्यप्रणाली और बदइंतजामी को साफ बयां करती है।

अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे स्थानीय नागरिक विशाल सक्सेना ने यहाँ की अव्यवस्थाओं पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया:

"वह अपने बुजुर्ग पिता और बड़े भाई को लेकर अस्पताल आए थे, लेकिन यहाँ सीनियर सिटीजन्स यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग लाइन नहीं बनाई गई है। हर वर्ग के लोग एक ही लंबी कतार में धूप में झुलसने को मजबूर हैं।"

10 में से सिर्फ 3 काउंटर चालू, 25 लाख की आबादी राम भरोसे

मरीजों के तीमारदारों ने मांग की है कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को तत्काल अतिरिक्त पर्चा काउंटर खोलने चाहिए या फिर इन काउंटरों को किसी पेड़ की छांव या सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना चाहिए ताकि धूप से राहत मिल सके। घुटनों के दर्द से पीड़ित अपनी बुजुर्ग माँ की दवाई लेने आई बबीता और स्थानीय निवासी अमान ने बताया कि लाइनें इतनी धीमी हैं कि हर 15 मिनट में महज दो-चार कदम ही आगे बढ़ पाती हैं।

खास बात यह भी है कि बरेली के महाराणा प्रताप राजकीय जिला अस्पताल में सरकार की ओर से मरीजों की सहूलियत हेतु 10 काउंटर की व्यवस्था दी गई है। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन की मनमानी के चलते महज तीन काउंटर के भरोसे ही जिले की 25 लाख जनता का इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों और राजनेताओं के निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। फिलहाल बरेली के राजकीय जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरीके से चरमरा चुकी हैं और अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन मरीजों की सहूलियत के लिए कोई खास प्रबंध करता है या नहीं।