बहेड़ी की महिला ने एसएसपी कार्यालय के बाहर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास

बरेली के एसएसपी कार्यालय के बाहर बहेड़ी की एक महिला ने कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस और मौजूद लोगों की सतर्कता से उसे समय रहते बचा लिया गया। मामले की जांच की जा रही है।

बहेड़ी की महिला ने एसएसपी कार्यालय के बाहर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास
HIGHLIGHTS:

• बहेड़ी निवासी महिला ने एसएसपी कार्यालय के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया।

• पुलिसकर्मियों की सतर्कता से समय रहते महिला को बचा लिया गया।

• महिला का आरोपः पहले हुए हमले के मामले में शिकायत के बावजूद नहीं हुई न्यायसंगत कार्रवाई।

जन माध्यम
बरेली।
बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की सतर्कता से महिला को समय रहते रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित हिरासत में लेकर जिला अस्पताल भेजा, जबकि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, महिला की पहचान बहेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम उलैतापुर निवासी मीना कुमारी पत्नी गनपत के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि होली के आसपास हुए एक विवाद के बाद उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट तथा जानलेवा हमला किया गया था। उसने इस संबंध में बहेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज की, लेकिन उसके अनुसार मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह कई बार थाने और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रही, लेकिन न्याय न मिलने से मानसिक रूप से परेशान थी।

बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर महिला करीब आधा लीटर डीजल की बोतल लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची। आरोप है कि उसने कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया और आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों, महिला पुलिसकर्मियों तथा एक राहगीर ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसे रोक लिया और सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

घटना के बाद महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने उससे पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद महिला थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया। एहतियात के तौर पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

महिला का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन उसकी शिकायतों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसी निराशा और मानसिक तनाव में उसने यह कदम उठाया।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों तथा पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।