बरेली: खुद को IAS बताकर ठगी करने वाली तीन महिलाएं गिरफ्तार; सरकारी नौकरी के नाम पर वसूले लाखों

बरेली की बारादरी पुलिस ने फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाली तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लग्जरी कार और नकदी बरामद।

बरेली: खुद को IAS बताकर ठगी करने वाली तीन महिलाएं गिरफ्तार; सरकारी नौकरी के नाम पर वसूले लाखों
बरेली: सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाली तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
HIGHLIGHTS:

फर्जी आईएएस और एसडीएम बनकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर की लाखों की ठगी।

पुलिस ने डॉ. विप्रा शर्मा समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर 4.50 लाख नकद और XUV 700 बरामद की।

आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद 55 लाख रुपये पुलिस ने कराए फ्रीज।

जन माध्यम न्यूज डेस्क

बरेली (28 अप्रैल)। थाना बारादरी पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर महिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की मुख्य सदस्य डॉ. विप्रा शर्मा, शिखा शर्मा और दीक्षा पाठक को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नगदी और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी एक लग्जरी गाड़ी बरामद हुई है।

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पीड़िता प्रीति लायल ने बताया कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात शिखा शर्मा से हुई थी। शिखा ने अपनी बहन विप्रा शर्मा को एसडीएम और आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने प्रीति समेत चार लोगों से करीब 11 लाख रुपये वसूल लिए। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने उत्तर प्रदेश शासन के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए भेजे थे, जो जांच में फर्जी पाए गए।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीनों महिलाओं को डेंटल कॉलेज रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम को इनके कब्जे से 4.50 लाख रुपये नकद, फर्जी नियुक्ति पत्र, 10 चेकबुक, लैपटॉप और एक XUV 700 कार बरामद हुई, जिस पर 'उत्तर प्रदेश सरकार' और 'एडीएम एफआर' लिखा हुआ था। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा 55 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी नितिन राणा, कुशल पाल, सौरभ तोमर और महिला पुलिसकर्मी शामिल रहीं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।