जिला कारागार में महिला बंदी बनाएंगी ठाकुरजी के लिए माला, स्वावलंबन की ओर कदम
जिला कारागार में खजानी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा महिला बंदियों को दिया गया माला बनाने का प्रशिक्षण। जिला जज, डीएम और एसएसपी ने किया शुभारंभ।
जिला कारागार में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए माला निर्माण का दिया गया प्रशिक्षण।
खजानी वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का हुआ सफल समापन।
जिला जज विकास कुमार, डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने संयुक्त रूप से किया कार्यक्रम का शुभारंभ।
बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए जेल परिसर के बाहर नई 'हेल्प डेस्क' की हुई स्थापना।
श्याम बिहारी भार्गव/जन माध्यम
मथुरा। मथुरा जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय पहल की गई है। कारागार प्रशासन और सामाजिक संस्था खजानी वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में महिला बंदियों के लिए आयोजित किए गए माला निर्माण प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण के बाद अब जेल में बंद महिला कैदी भगवान ठाकुरजी (लड्डू गोपाल) के लिए सुंदर मालाओं का निर्माण करेंगी।
प्रशिक्षण के समापन एवं महिला बंदियों के हुनर को सराहने के लिए आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ महिला बैरक में किया गया। समारोह में जनपद के जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस नई पहल की शुरुआत की। अधिकारियों ने बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता को देखा और उनके इस सकारात्मक बदलाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि मथुरा जिला कारागार में बंदियों के सुधार और कौशल विकास के लिए पहले से ही हथकरघा इकाई का संचालन किया जा रहा है। इस इकाई में बंदी कुशलतापूर्वक साड़ी, तौलिया सहित श्री कृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की सुंदर पोशाकें और आकर्षक मुकुट तैयार कर रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब महिला बंदियों द्वारा बड़े पैमाने पर ठाकुरजी के शृंगार के लिए माला का निर्माण कार्य भी शुरू किया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इस गरिमामयी अवसर पर जिला जज ने कारागार के मुख्य द्वार के बाहर एक नई 'हेल्प डेस्क' का भी फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। यह हेल्प डेस्क जेल में बंद कैदियों से मुलाकात करने के लिए दूर-दराज से आने वाले उनके परिजनों और रिश्तेदारों को सही जानकारी व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। कार्यक्रम के उपरांत सभी उच्चाधिकारियों ने जिला कारागार की विभिन्न बैरकों, भोजनालय और सुरक्षा व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपर जिला जज रामकुमार पांडेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ. उपेंद्र पाल सिंह सोलंकी, जेलर सुरेंद्र मोहन सिंह, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, रविंद्र कुमार, हेमराज और मयंक त्रिपाठी सहित कारागार का अन्य स्टाफ प्रमुख रूप से उपस्थित रहा।