डिजिटल ठगों पर डीआईजी का शिकंजा
डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में बरेली रेंज पुलिस ने 72 साइबर ठगों को दबोचा और पीड़ितों के 7 करोड़ रुपये से अधिक होल्ड कराए।
एक क्लिक में उजड़ रहे सपनों को पुलिस ने फिर संभाला, करोड़ों की ठगी पर लगा ब्रेक
साइबर जालसाजों के नेटवर्क में मची खलबली, 72 अपराधी पहुंचे सलाखों के पीछे
ऑनलाइन ठगी के अंधेरे के बीच बरेली रेंज पुलिस हजारों पीड़ितों के लिए बनी उम्मीद की रोशनी
जन माध्यम
बरेली। कभी बैंक खाते खाली हुए, तो कभी मोबाइल स्क्रीन पर आया एक फर्जी लिंक जिंदगी भर की जमा पूंजी निगल गया। साइबर अपराध के इस नए दौर में ठगों ने लोगों की मेहनत, भरोसे और सपनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। कोई बुजुर्ग अपनी पेंशन गंवा बैठा, तो किसी पिता की बेटी की शादी के लिए जोड़ी रकम ऑनलाइन जालसाजों ने उड़ा दी। लेकिन ऐसे दर्द और बेबसी के बीच रेंज पुलिस हजारों पीड़ितों के लिए राहत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत डीआईजी अजय कुमार साहनी की अगुवाई में रेंज में साइबर अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। पिछले छह महीनों में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में 506 मुकदमे दर्ज कर 72 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस ने ठगी गई रकम को वापस दिलाकर लोगों के टूटे भरोसे को भी संभालने का काम किया।
साइबर ठगी से जुड़े 8697 प्रार्थना पत्रों में से 6103 शिकायतों का निस्तारण किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 7 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की रकम होल्ड कराई, जबकि एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई। जिन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई खो दी थी, उनके लिए यह रकम सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि जिंदगी की दोबारा लौटी उम्मीद थी।
डीआईजी अजय कुमार साहनी की सख्त मॉनिटरिंग में साइबर थाना, साइबर सेल और हेल्पडेस्क ने तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए कई बड़े गिरोहों का पर्दाफाश किया। बरेली में मोबाइल चोरी कर यूपीआई फ्रॉड करने वाले गिरोह से लेकर बदायूं में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर तक, पुलिस ने अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से हिला दिया। सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता को भी इस अभियान का मजबूत हथियार बनाया गया। रेंज में 2166 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रहने का संदेश दिया गया। डीआईजी अजय कुमार साहनी की कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि अब साइबर अपराधियों की चालाकी से ज्यादा तेज पुलिस की तकनीक और रणनीति है। रेंज में कानून का डिजिटल पहरा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है।