रिठौरा: हज़रत मिलकिया बाले मियां का सालाना उर्स अकीदत के साथ मनाया गया
रिठौरा में हज़रत मिलकिया बाले मियां का सालाना उर्स मनाया गया। कुल की रस्म के साथ देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई।
सालाना उर्स: रिठौरा में बाले मियां की दरगाह पर सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया।
अमन की दुआ: कुल की रस्म के साथ देश में खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ हुई।
लंगर व सबील: भीषण गर्मी में जायरीनों के लिए ठंडे शरबत और लंगर का इंतजाम रहा।
रिठौरा (बरेली)। नगर पंचायत रिठौरा के धर्मपुर रोड स्थित हज़रत मिलकिया बाले मियां की दरगाह पर रविवार को सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे। दरगाह पर हाजिरी देकर लोगों ने मन्नतें मांगीं, जिससे पूरे दिन परिसर में रूहानी माहौल बना रहा।
कुरानख्वानी और मिलाद शरीफ की महफिल
उर्स का आगाज़ सुबह कुरानख्वानी से हुआ, जिसके बाद मिलाद शरीफ की महफिल सजाई गई। कार्यक्रम में पहुंचे उलमा-ए-किराम ने हज़रत मिलकिया बाले मियां की सूफियाना तालीमात और इंसानियत के पैगाम पर रोशनी डाली। वक्ताओं ने कहा कि सूफी संतों ने हमेशा समाज को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया है। जामा मस्जिद के इमाम हाफिज़ मुकर्रम रजा साहब ने नात-ए-पाक और सूफी उवैस मियां ने मनकबत पेश कर महफिल में समां बांध दिया।
कुल शरीफ की रस्म और मुल्क के लिए दुआ
शाम को कुल शरीफ की रस्म पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। इस दौरान हिंदुस्तान की सलामती, तरक्की, खुशहाली और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।
उर्स के समापन पर दरगाह परिसर में व्यापक स्तर पर लंगर तक्सीम किया गया। इसके साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए जायरीनों के लिए ठंडे शरबत की सबील भी लगाई गई, जो देर शाम तक जारी रही। इस मौके पर अब्दुल हलीम सभासद, कांग्रेस नगर अध्यक्ष उवैस अंसारी, इकरार अंसारी उर्फ मियां, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मोहम्मद नदीम सिद्दीकी, मुन्ने सिद्दीकी और फहीम दानिश समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।