फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों का लोन, तहसीलदार समेत 28 लोगों पर मुकदमा दर्ज
बरेली। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। इस मामले में छह ग्रामोद्योग संस्थानों के पदाधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये का ऋण प्राप्त करने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ ने इस घोटाले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने जांच पूरी कर तहसीलदार समेत 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
एंटी करप्शन द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि इन संस्थानों ने सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाया। फर्जी भूमि अभिलेख और अन्य जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऋण स्वीकृत करवाए गए। धनराशि का उपयोग योजनाओं के तहत निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य निजी कार्यों में किया गया।
गायत्री ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, सगीर ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, सीमा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, स्वास्तिक ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, शुक्ला गुड़ खंडसारी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, जेएमडी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान इस जांच में यह भी पाया गया कि तहसील और अन्य विभागीय अधिकारियों ने भूमि अभिलेखों की सत्यता की जांच में लापरवाही बरती। फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित करने में इन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। जांचकर्ताओं के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिससे फर्जीवाड़ा हुआ।
यह मामला तब सामने आया जब त्रिस्तरीय समिति द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऋण लेने का खुलासा हुआ। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंप दिया। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर बरेली की एंटी करप्शन टीम ने 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें संस्थानों के पदाधिकारियों के साथ-साथ तहसीलदार और लेखपाल भी शामिल हैं।रागिनी वर्मा,नीरज श्रीवास्तव,विशाल सेठ,चंद्र प्रकाश शर्मा,तकमील अहमद,सगीर अहमद,कुमार तबस्सुम,इलियास खान,आफताब बेगम,मोहम्मद वासिल खान,बरकत अली,मनोज कुमार,रूपेश कुमार,अंशु जौहरी ,मालती शुक्ला,अतुल कुमार शुक्ला,आलोक शुक्ला ,मोहम्मद रफीक,ममता साहनी,बलवीर सिंह,जहीर खां ,नरेंद्र कुमार (नायब तहसीलदार),लेखपाल नाजिम मिया,मोहम्मद अख्तर,महेंद्र कुमार ,मोहम्मद शफीक,सगीर ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अन्य पदाधिकारी,अन्य अज्ञात लोग के खिलाफ
धारा 420 और 409 के तहत मामला दर्ज हुआ है, इन 28 लोगों पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 409 (सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात) का उपयोग किया गया है।