दलित भूमि पर कब्ज़े और गंगा प्रदूषण के खिलाफ सड़क पर उतरी आज़ाद अधिकार सेना

मेरठ में आज़ाद अधिकार सेना ने 1600 बीघा दलित व ग्राम समाज भूमि पर अवैध कब्ज़े और गंगा प्रदूषण के खिलाफ आयुक्त कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना दिया। संगठन ने 15 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

दलित भूमि पर कब्ज़े और गंगा प्रदूषण के खिलाफ सड़क पर उतरी आज़ाद अधिकार सेना
दलित भूमि पर कब्ज़े और गंगा प्रदूषण के खिलाफ सड़क पर उतरी आज़ाद अधिकार सेना
HIGHLIGHTS:

➡️ आयुक्त कार्यालय मेरठ के सामने शांतिपूर्ण धरना
➡️ 1600 बीघा दलित व ग्राम समाज भूमि पर कब्ज़े का आरोप
➡️ ग्राम बेला व आसपास के क्षेत्रों का मामला
➡️ गंगा में पोल्ट्री व केमिकल कचरा डालने का आरोप
➡️ विरोध करने वाले दलित परिवारों को धमकाने का दावा
➡️ 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
➡️ SC/ST एक्ट व गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग
➡️ प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

हशमे आलम/ जन माध्यम

मेरठ।
ग्राम समाज और दलित भूमि पर वर्षों से चले आ रहे कथित अवैध कब्ज़ों, गंगा नदी में हो रहे गंभीर प्रदूषण और दलित परिवारों के उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को आजाद अधिकार सेना के बैनर तले आयुक्त कार्यालय, मेरठ मंडल के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। संगठन का आरोप है कि ग्राम बेला, फतेहपुर प्रेम, माजरा बेला, छोटी चामरोधी समेत आसपास के क्षेत्रों में 1600 बीघा से अधिक ग्राम समाज व दलित भूमि पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, लेकिन प्रशासन वर्षों से मौन बना हुआ है।

धरना आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अब्दुल अजीज ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पीड़ित ग्रामीण मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक, शांतिपूर्ण और अहिंसक है, लेकिन न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

धरने के दौरान आरोप लगाया गया कि कब्ज़ेदार न सिर्फ दलित और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण कर रहे हैं, बल्कि गंगा नदी में पोल्ट्री और केमिकल अपशिष्ट डालकर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, विरोध करने वाले दलित परिवारों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे भय और मानसिक प्रताड़ना में जीवन जीने को मजबूर हैं।

पीड़ित दलित परिवारों ने धरना स्थल पर प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो अवैध कब्ज़ा हटाया गया और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई। पीड़ितों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर अवैध कब्ज़े हटाने, नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज करने और सुरक्षा प्रदान करने जैसी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मजबूरन आंदोलन को और उग्र रूप देने पर विवश होंगे।

हालांकि आजाद अधिकार सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी प्रकार की हिंसा या आत्मघाती कदम का समर्थन नहीं करता, लेकिन यह चेतावनी प्रशासन की असंवेदनशीलता के प्रति पीड़ितों की अंतिम पीड़ा और आक्रोश की अभिव्यक्ति है।

धरना-प्रदर्शन में महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष पूजा सिंह, मीडिया प्रभारी मोहन देव, सुरेंद्र कुमार कश्यप, शाहनवाज, सलीम राजपूत, नदीम चौधरी, महिला दक्षिण अध्यक्ष नाजमा अफजल सैफी, तिलक राम, एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, रईस हिंदुस्तानी, गजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, शीशपाल, हुकम सिंह, राकेश, संजय, वीर सिंह, संजीव कुमार, मनोज पाल, करण सिंह समेत अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

आजाद अधिकार सेना ने प्रशासन से मांग की है कि

  • दलित व ग्राम समाज भूमि को तत्काल कब्ज़ा-मुक्त कराया जाए,

  • गंगा नदी को प्रदूषित करने वालों पर कठोर पर्यावरणीय कार्रवाई हो,

  • भूमाफियाओं के खिलाफ SC/ST एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए,

  • पीड़ित परिवारों को तुरंत पुलिस सुरक्षा दी जाए,

  • और लापरवाह राजस्व व प्रशासनिक अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्यायोचित कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।