सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त
बरेली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दो दिन बाद समाप्त हो गई। नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब शहर की सफाई व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आई है।
➡️ दो दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को समाप्त।
➡️ नगर आयुक्त ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का दिया आश्वासन।
➡️ हड़ताल खत्म होते ही शहर में कूड़ा उठना फिर शुरू हुआ।
➡️ गलियों और बाजारों में सफाई से नागरिकों को मिली राहत।
➡️ नगर निगम प्रशासन ने भविष्य में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
➡️ घटना ने प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशील रहने का संदेश दिया।
विद्यार्थी परिषद पर कार्रवाई का नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन
जन माध्यम
बरेली। नगर निगम में शुक्रवार और शनिवार लगातार जारी रही सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी थी। शहर में कूड़ा न उठने के कारण गलियों और बाजारों में कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे, जिससे लाख की आबादी प्रभावित होने लगी। मामला तब और गंभीर हो गया जब हड़तालकारियों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग करते हुए नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया।
घटना की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी, जब एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के बाद भुगतान बिल की रसीद और अन्य मांगों को लेकर नगर निगम का दरवाजा खटखटाया। रसीद न मिलने पर उन्होंने धक्का मुक्की और हंगामा कर दिया। इसी दौरान नगर निगम कर्मचारी संघ और सफाई कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने शहर भर में कूड़ा न उठाने की अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया।
शुक्रवार की शाम व शनिवार सुबह नगर निगम परिसर के बाहर सभी कूड़ा वाहन, जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े रहे। शहर की गलियों में कूड़े के ढेर, गंदगी और बदबू से आम जनता की परेशानियां बढ़ गईं। सफाई कर्मचारियों ने न केवल हड़ताल जारी रखी बल्कि अन्य संगठनों का भी समर्थन प्राप्त किया।हालांकि, रविवार को नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने उत्तर प्रदेश एससीएसटी आयोग के सदस्य उमेश कठेरिया और भाजपा नेता मनोज धपलियाल के साथ धरना स्थल का दौरा कर स्थिति को नियंत्रण में किया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे कर्मचारियों की मांग पूरी हो।
आश्वासन मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों ने तुरंत अपने-अपने क्षेत्रों में कूड़ा उठाने के लिए काम शुरू कर दिया। शहर की गलियां और बाजार धीरे-धीरे साफ होते दिखे, जिससे जनता को राहत मिली।नगर आयुक्त ने इस मौके पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता न हो और शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और किसी भी अन्य हड़तालकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।यह घटना नगर निगम प्रशासन के लिए एक सावधान संदेश भी रही कि कर्मचारियों की समस्याओं और शहरवासियों की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि उचित कार्रवाई और त्वरित संवाद से ही संकट को हल किया जा सकता है।