छात्राओं की आवाज बनी कार्रवाई का कारण
बहेड़ी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लापरवाही उजागर होने पर वार्डन की सेवा समाप्त छात्राओं की शिकायतें सही पाई गईं
छात्राओं ने किया था धरना प्रदर्शन
मूलभूत सुविधाओं की थी कमी
जांच में लापरवाही साबित
वार्डन की सेवा समाप्त
जन माध्यम
बहेड़ी, बरेली। जब पढ़ाई के लिए घर से दूर रह रहीं बेटियां अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाने को मजबूर हो जाएं तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता बन जाती है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं द्वारा किए गए धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच में सामने आई खामियों पर सख्त कार्रवाई की गई। वार्डन संगीता भास्कर की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि दो अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।
दरअसल विद्यालय की करीब 70 छात्राओं ने बिजली, पानी, भोजन, स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कमी को लेकर विरोध जताया था। लगातार हो रही परेशानियों के चलते छात्राएं धरने पर बैठ गई थीं, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा गठित टीमों ने जांच की। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं किया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ विनीता ने बताया कि छात्राओं की शिकायतें सही पाई गईं और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि अब छात्राओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कब तक नजरअंदाज होती रही और जिम्मेदार समय रहते क्यों नहीं जागे।