बरेली: मनौना धाम से डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण का पर्दाफाश, मेडिकल फील्ड से जुड़े नर्स और फर्जी डॉक्टर समेत 3 और गिरफ्तार
बरेली की आंवला पुलिस ने मनौना धाम से अपहृत डेढ़ वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर गिरोह के 3 और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अस्पताल संचालक, नर्स और फर्जी डॉक्टर हैं।
बड़ा पर्दाफाश: मनौना धाम से 24 मई को चोरी हुए डेढ़ वर्षीय ऋषभ को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा।
मेडिकल फील्ड का कनेक्शन: गिरोह में अस्पताल संचालक संजय, 10 साल से फर्जी क्लीनिक चला रहा मंगेश और SRMS की नर्स सीता शामिल, तीनों गिरफ्तार।
बरेली। थाना आंवला पुलिस ने मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण के सनसनीखेज मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बच्चों की चोरी और खरीद-फरोख्त करने वाले इस अंतरजनपदीय गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को पुलिस ने दबोचा है, जिनके तार सीधे मेडिकल फील्ड से जुड़े हुए हैं। पुलिस इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि अपहृत बच्चे को पहले ही सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंपा जा चुका है।
मनौना धाम से खेलते समय हुआ था मासूम का अपहरण
घटना 24 मई की है, जब मनौना धाम में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत रमन (निवासी बदायूं) का डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया था। इस संबंध में थाना आंवला में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम जांच में जुटी थी। 27 मई को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद योगेश कन्नौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद किया। इसके बाद 29 मई को इस रैकेट के मुख्य दलाल (Broker) उत्तम वाजपेयी को जेल भेजा गया था।
अस्पताल संचालक, नर्स और फर्जी डॉक्टर चला रहे थे रैकेट
शनिवार (30 मई) को एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरोह के तीन अन्य मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। पकड़े गए आरोपियों की प्रोफाइल बेहद चौंकाने वाली है:
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संजय कुमार विश्वास: यह आरोपी पिछले कुछ समय से एक अस्पताल का संचालन कर रहा था और पहले भी दलाल उत्तम को बच्चा सप्लाई कर चुका है।
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केशवराम उर्फ मंगेश: यह आरोपी पिछले 10 वर्षों से लखीमपुर खीरी में अवैध और फर्जी तरीके से क्लीनिक चला रहा था, इसने भी एक नवजात शिशु को गैंग तक पहुंचाया था।
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सीता (नर्स): यह महिला आरोपी SRMS अस्पताल में नर्स के तौर पर कार्यरत थी, जिसका मुख्य काम चुराए गए बच्चों को आगे एंड यूजर्स (खरीदारों) तक मोटी रकम में सप्लाई करना था।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे लंबे समय से भीड़भाड़ वाले मंदिरों, अस्पतालों और बस स्टैंडों से रेकी कर बच्चों का अपहरण करते थे और उन्हें निसंतान दंपतियों को लाखों रुपये में बेच देते थे। अब तक इस गिरोह द्वारा तीन बच्चों की तस्करी की बात सामने आई है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राघव व वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह की टीम ने इस संगठित अपराध का भंडाफोड़ किया है। यह एक बेहद गंभीर और संगठित गिरोह (Organized Crime) है, इसलिए सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।