बरेली बीडीए में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की छुट्टी, सेवा बहाली को लेकर डीएम से गुहार

बरेली विकास प्राधिकरण में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाए जाने पर कर्मचारियों ने डीएम से सेवा बहाली और वेतन भुगतान की मांग की

बरेली बीडीए में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की छुट्टी, सेवा बहाली को लेकर डीएम से गुहार
HIGHLIGHTS:

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाए जाने का आरोप

डीएम से सेवा बहाली की मांग

वेतन भुगतान रोके जाने की शिकायत

नई कंपनी को काम दिए जाने पर उठे सवाल

जन माध्यम

बरेली। रोज़गार छिनने का डर जब हकीकत बन जाता है, तो सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ता है जिनकी रोजी-रोटी उसी नौकरी पर टिकी होती है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) में कुछ ऐसा ही हाल आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का सामने आया है।

बीडीए में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं बहाल रखने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के उन्हें काम से हटा दिया गया।

कर्मचारी ईशु ने बताया कि वे 15 जुलाई 2025 से ए.पी. सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से कार्यरत थे, जिसमें दो सुपरवाइजर, छह स्वीपर और सात माली शामिल हैं।

उनके अनुसार फरवरी 2026 में टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य दूसरी कंपनी बी. डॉट टैक्निक मैनेजमेंट एंड मल्टी सर्विस प्रा. लिमिटेड को सौंप दिया गया। इस दौरान उन्हें एक माह का वेतन दिया गया, जो जैम पोर्टल पर दर्ज है।

कर्मचारियों का आरोप है कि प्राधिकरण की ओर से 18 मार्च तक के वेतन का संदेश दिया गया, लेकिन इसके बाद का भुगतान रोक दिया गया।

कर्मचारियों का कहना है कि उनका कार्यकाल 31 जनवरी 2027 तक निर्धारित है, इसके बावजूद उनकी जगह अन्य लोगों की नियुक्ति कर दी गई, जिसे उन्होंने असंवैधानिक बताया।

प्रार्थीगण ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी सेवाएं पूर्ववत बहाल की जाएं और लंबित वेतन का भुगतान कराया जाए।

इस दौरान खेतल, अरविंद, आशीष, रंजीत कुमार, हरीश कुमार, अभिषेक, जाकिर, काजल, संगीता, ओमकार, जयंती कुमार, अंकिल, विनय सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

यह मामला बरेली में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अस्थिर नौकरी और उनके सामने खड़े रोज़गार संकट की गंभीर तस्वीर पेश करता है।