प्रीपेड मीटर पर मथुरा में बढ़ा गुस्सा, आदेश के बाद भी नहीं बदली व्यवस्था
मथुरा में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश, आदेश के बाद भी पोस्टपेड में बदलाव नहीं, प्रदर्शन तेज
प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता परेशान
बैलेंस होने के बाद भी कट रही बिजली
पोस्टपेड में बदलाव न होने से नाराजगी
अग्नि सुरक्षा सप्ताह की भी शुरुआत
श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा। बिजली की व्यवस्था आसान होने के बजाय जब परेशानी का कारण बन जाए, तो लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतरना तय है। मथुरा में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है।
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के आदेश के बावजूद प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में नहीं बदला जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लोगों का कहना है कि कई बार बैलेंस होने के बावजूद बिजली काट दी जाती है, जबकि कुछ उपभोक्ताओं को यह तक पता नहीं चल पाता कि उनका बैलेंस माइनस में चला गया है। अचानक बिजली कटने से उन्हें बिजलीघर के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था के विरोध में उपभोक्ताओं द्वारा प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में निर्णय उच्च स्तर से लिया जाएगा।
इसी दौरान 14 अप्रैल 1944 को मुंबई के विक्टोरिया बंदरगाह पर अग्निशमन कार्य के दौरान शहीद हुए 66 अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सुबह 10 बजे पुलिस लाइन से जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसे एसएसपी श्लोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार के नेतृत्व में विभाग द्वारा 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है।
वर्ष 2025 में विभाग ने 146 कॉल पर कार्रवाई करते हुए 72 लोगों और 69 पशुओं की जान बचाई, साथ ही 13.47 करोड़ रुपये की संपत्ति को सुरक्षित किया गया।
जिले में स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही एक नया फायर टेंडर वाहन भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
इस दौरान अग्निशमन अधिकारी नरेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।