बरेली कॉलेज के पास रुई की दुकान में भीषण आग, किताबों का खोखा भी जलकर खाक
बरेली कॉलेज के पास रुई की दुकान में लगी आग ने मिनटों में किताबों के खोखे को भी चपेट में ले लिया। दमकल ने आधे घंटे में आग पर काबू पाया, लाखों का नुकसान।
➡️ बरेली कॉलेज के सामने रुई की दुकान में रविवार सुबह भीषण आग
➡️ लपटों ने पास के नीटू की किताबों वाले खोखे को भी चपेट में लिया
➡️ दमकल टीम ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई
➡️ लाखों का सामान जलकर खाक, जनहानि नहीं
➡️ शॉर्ट सर्किट की आशंका, विभाग जांच में जुटा
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। रविवार सुबह बरेली कॉलेज के सामने स्थित एक रुई की दुकान में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। देखते ही देखते आग ने भयावह रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में बगल में लगे नीटू की किताबों वाले खोखे को भी अपनी लपटों में समेट लिया। तेज हवाओं और रुई जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे दोनों दुकानों का पूरा सामान चंद पलों में राख में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह लगभग 9 बजे अचानक दुकान के भीतर से धुआं उठता दिखाई दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन रुई होने के कारण लपटें काबू में नहीं आईं। कुछ ही समय में आग इतनी फैल गई कि स्थानीय लोग पास जाना भी जोखिम भरा मानने लगे। स्थिति गंभीर होती देख तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही एफएसओ संजीव यादव के नेतृत्व में दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कई पानी की गाड़ियों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। एफएसओ यादव ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक संभावना है कि शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी से रुई में आग भड़की होगी, लेकिन विभाग इसकी जांच कर रहा है।
हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। रुई, कपड़ा और किताबों जैसी सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं और आसपास के दुकानदारों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
यह हादसा बाजार में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।