जिला अस्पताल में हंगामा, महिला कर्मचारी से मरीज का विवाद

बरेली जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में खून की जांच को लेकर मरीज और महिला कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

जिला अस्पताल में हंगामा, महिला कर्मचारी से मरीज का विवाद
HIGHLIGHTS:

जिला अस्पताल पैथोलॉजी विभाग में मरीज और कर्मचारी के बीच विवाद

खून की जांच को लेकर दोपहर में शुरू हुई कहासुनी

वीडियो बनाते ही महिला कर्मचारी के ड्यूटी छोड़ने का आरोप

हंगामा बढ़ने पर पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

जन माध्यम

बरेली। अस्पताल वह जगह होती है जहां मरीज उम्मीद लेकर पहुंचता है कि उसकी परेशानी का इलाज मिलेगा। लेकिन जब वहीं लापरवाही और टालमटोल का सामना करना पड़े तो दर्द और गुस्सा दोनों बढ़ जाते हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक मरीज और पैथोलॉजी विभाग की महिला कर्मचारी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया।

खून की जांच को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार गुलाब नगर निवासी अर्पिता अपने साथी राजू के साथ अपने बच्चे की खून की जांच कराने जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग पहुंचीं। बताया जा रहा है कि उस समय दोपहर के दो बजे भी नहीं हुए थे, लेकिन वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने यह कहकर जांच करने से मना कर दिया कि अब दो बजे के बाद जांच नहीं होगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

वीडियो बनाते ही कर्मचारी ने छोड़ी ड्यूटी
बताया गया कि जब अर्पिता ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो महिला कर्मचारी नाराज हो गईं। आरोप है कि कर्मचारी ने अपना बैग उठाया और दो बजे से पहले ही कक्ष से बाहर चली गईं। इससे वहां मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई और माहौल गरमा गया।

रजिस्टर फाड़ने का भी लगा आरोप
अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों का कहना है कि विवाद के दौरान महिला ने पैथोलॉजी विभाग में रखा रजिस्टर फाड़ दिया और वहां शोर-शराबा किया। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला को समझाने की कोशिश की, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ।

पुलिस चौकी तक पहुंचा मामला
स्थिति को देखते हुए पुलिस महिला को चौकी ले गई, जहां नाम-पता पूछने के बाद उसे छोड़ दिया गया। घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में अक्सर कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति और लापरवाही के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।