मदरसा सल्फिया कासिमुल उलूम में बाल दिवस पर खेलकूद की धूम, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
मदरसा सल्फिया कासिमुल उलूम में बाल दिवस पर दौड़, खो-खो और म्यूजिकल चेयर जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। बच्चों ने शानदार प्रतिभा दिखाई। विजेताओं को सम्मानित किया गया और शिक्षकों-प्रबंधकों ने खेल के महत्व पर संदेश दिया।
→ बाल दिवस पर मदरसा सल्फिया में खेलकूद की धूम
→ 20, 50, 100 मीटर दौड़ में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन
→ खो-खो में उस्मा की टीम विजेता
→ म्यूजिकल चेयर में नन्हों की फुर्ती ने बांधा माहौल
→ विजेताओं को पदक देकर सम्मानित किया गया
→ प्रधानाचार्य ने फिटनेस, अनुशासन और आत्मविश्वास पर जोर दिया
→ बच्चों के चेहरों पर उत्साह और प्रेरणा की चमक
हसीन दानिश / जन माध्यम
बरेली। बच्चों के चहेते पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मदरसा सल्फिया कासिमुल उलूम में बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। छात्र-छात्राओं के बीच 20 मीटर, 50 मीटर, 100 मीटर दौड़, खो-खो और म्यूजिकल चेयर जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को पदक देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रार्थना के बाद हुई। प्रधानाचार्य खुर्शीद अहमद के नेतृत्व में सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। उप प्रधानाचार्य हाफिज शादाब सल्फी ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि शिक्षिकाएं आरिफा बी, शबाना बी, असमत वी और शादाब वी ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
दौड़ में धमाकेदार प्रदर्शन
- 20 मीटर दौड़ : कक्षा 1 की अक्सा प्रथम।
- 50 मीटर दौड़ : कक्षा 1 के अरवाज प्रथम।
- 100 मीटर दौड़ : कक्षा 2 की रिज़ा और कक्षा 3 के अबू तल्हा प्रथम।
खो-खो में टीम स्पिरिट
कक्षा 5 की दो टीमों—उस्मा वी और अल्विया वी—के बीच मुकाबला हुआ। उस्मा की टीम विजयी रही। अलका, उमैमा, मरियम, इनाया और माहेनूर ने शानदार खेल दिखाया।
म्यूजिकल चेयर का रोमांच
छोटे बच्चों की फुर्ती देखते बनती थी। विजेता: कक्षा 1 की खदीजा और उजैन, कक्षा 3 के रूम्मान, कक्षा 4 के सोहेल।
प्रधानाचार्य खुर्शीद अहमद ने कहा, “खेल शरीर को स्वस्थ और मन को प्रसन्न रखते हैं। पढ़ाई के साथ योग-व्यायाम जरूरी है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।” उन्होंने बच्चों को अनुशासन और आत्मविश्वास पर जोर दिया।
प्रबंध समिति अध्यक्ष मोहम्मद अख्तर, खजांची मोहम्मद यूसुफ सिद्दीकी, हाजी इकबाल, हाजी फरियाद और रफीक मुनीम ने विजेताओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा, “खेल एकता, सहयोग और सद्भाव सिखाते हैं।”
समापन पर राष्ट्रगान गाया गया। शिक्षक वर्ग के सहयोग से आयोजन सफल रहा। बच्चों के चेहरों पर खुशी और प्रेरणा की चमक साफ दिखी।