बरेली में विवाहिता का गंभीर आरोप, दहेज में कार के लिए प्रताड़ना
बरेली में ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए गंभीर आरोप। पीड़िता ममता उर्फ रोशनी ने न्याय और सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से लगाई गुहार।
* 08 मई 2025 को हुई थी शादी: हैसियत के मुताबिक खर्च के बाद भी कार न मिलने पर मायके वालों को दी जा रही थीं गालियां।
* कमरे में बंद कर पीटा: 15 मार्च को फोन छीनकर दिनभर बंधक बनाया, फिर जेवर छीनकर घर से निकाला।
* मेडिकल कॉलेज में हमला: 29 मई को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर में भी सबूत मिटाने के लिए की गई मारपीट।
दहेज उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला: शादी के बाद से नरक बनी जिंदगी, पीड़िता ने बयां की दास्तान
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से दहेज प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़िता ममता उर्फ रोशनी (पुत्री दयाराम सागर, निवासी ग्राम भौटा बाजार असुआ, थाना क्याोलड़िया) ने अब इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
हैसियत के मुताबिक दिया दान-दहेज, फिर भी बढ़ी मांग
पीड़िता का विवाह 08 मई 2025 को चन्द्रसेन उर्फ तेजपाल (निवासी ग्राम चंदोखा तोड़ी, थाना फरीदपुर) के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। शादी के दौरान लड़की के परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार लगभग 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें वर पक्ष की मांग पर पल्सर मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी, सोने की चेन और अन्य घरेलू सामान दिए गए थे।
आरोप है कि इस सब के बावजूद पति चन्द्रसेन, ससुर राम कुमार, सास रामबेटी, ननद मधु व मुस्कान और देवर ग्रीश दिए गए उपहारों से संतुष्ट नहीं हुए। लड़का रुद्रपुर की एक फैक्ट्री में काम करता है, जिसके नाम पर ससुराल वाले लगातार एक और कार की मांग करने लगे।
पिता की लाचारी भी नहीं पिघला सकी ससुराल वालों का दिल
"मेरे पिता फाजिल (पैरालिसिस) की बीमारी से पीड़ित हैं और पूरी तरह बेड पर हैं। मायके की माली हालत ऐसी नहीं है कि कार की भारी-भरकम मांग को पूरा किया जा सके। जब मैंने उन्हें अपनी मजबूरी समझाने की कोशिश की, तो उन्होंने मेरा खाना-पीना तक बंद कर दिया।" - ममता उर्फ रोशनी, पीड़िता
इस विवाद ने 15 मार्च 2026 को हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि ससुराल वालों ने पीड़िता को बेरहमी से पीटा, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे दिनभर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। अगले दिन सुबह उसके सारे जेवर छीनकर उसे धक्के देकर घर से निकाल दिया गया और दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
अस्पताल परिसर में हुआ दोबारा हमला, सबूत मिटाने की कोशिश
घर से निकाले जाने के बाद भी प्रताड़ना का यह सिलसिला बंद नहीं हुआ। पीड़िता के मुताबिक, बीती 29 मई को जब वह रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में थी, तब उसके पति चन्द्रसेन और देवर ग्रीश बाबू ने वहां घुसकर उसके साथ दोबारा मारपीट की। आरोपी उसके मोबाइल में मौजूद प्रताड़ना के पुराने साक्ष्यों को जबरन नष्ट करना चाहते थे, लेकिन मौके पर मौजूद भीड़ ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई।
पीड़िता इससे पहले महिला थाना और फरीदपुर पुलिस को भी तहरीर दे चुकी है, लेकिन वहां से कोई ठोस मदद नहीं मिलने के कारण अब मामला सीधे जिले के आला अधिकारियों के पास पहुंचा है। पीड़िता ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।