बरेली: ब्रह्मदेव मंदिर के पुजारी का उत्पीड़न, जमीन पर कब्जे का आरोप
बरेली के प्रेमनगर में ब्रह्मदेव मंदिर के पुजारी ने जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश और लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
* 20 साल से सेवा: बांके की छावनी स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पुजारी राजीव शर्मा ने लगाया प्रताड़ना और बेदखली का आरोप।
* जबरन समझौते का आरोप: पुजारी का दावा है कि 19 मई को सुंदरकांड के दौरान माहौल बिगाड़ा गया और पुलिस के दबाव में हस्ताक्षर कराए गए।
* DM से न्याय की गुहार: पुजारी ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
रिपोर्ट: हसीन दानिश
बरेली: ब्रह्मदेव मंदिर की जमीन पर कब्जे की साजिश! 20 साल से सेवा कर रहे पुजारी ने DM से मांगी सुरक्षा
बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित बांके की छावनी के ब्रह्मदेव मंदिर में पिछले दो दशकों से पूजा-अर्चना और सेवा कर रहे पुजारी राजीव शर्मा ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा करने की कथित साजिश और लगातार हो रहे उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) से न्याय की गुहार लगाई है। पुजारी का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन मंदिर की सेवा और रखरखाव में समर्पित कर दिया, लेकिन अब कुछ लोग उन्हें मंदिर से बेदखल कर उसकी जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।
20 वर्षों की सेवा के बाद बेदखली की कोशिश, वर्चस्व की जंग
जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में राजीव शर्मा ने बताया कि वह लगभग 20 वर्षों से मंदिर में पुजारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार, इस मंदिर का निर्माण स्वर्गीय गुलाब जी ने कराया था और उन्हीं की ओर से उन्हें मंदिर की सेवा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पुजारी का गंभीर आरोप है कि क्षेत्र के कुछ रसूखदार लोग मिलकर मंदिर पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आए दिन मंदिर परिसर में पहुंचकर उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की जाती है।
सुंदरकांड पाठ के दौरान माहौल बिगाड़ने का प्रयास, वीडियो होने का दावा
पुजारी राजीव शर्मा ने अपने प्रार्थना पत्र में कुछ मुख्य घटनाओं का विशेष उल्लेख किया है:
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19 मई की घटना: मंदिर में सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण के दौरान कुछ लोग जबरन घुस आए और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस के दबाव में उनसे एक समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए।
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27 मई की घटना: कुछ लोगों द्वारा मंदिर की चाबी छीनने का प्रयास किया गया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद होने का पुजारी ने दावा किया है।
"यह मंदिर मेरे लिए केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि जीवन का आधार और आस्था का केंद्र है। वर्षों की सेवा के बाद यदि मुझे जबरन मंदिर छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह मेरे लिए आत्मघाती होगा।" - राजीव शर्मा, पुजारी
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
धार्मिक स्थल की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इस प्रयास से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है। पुजारी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि मंदिर की पवित्रता और धार्मिक वातावरण सुरक्षित बना रहे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और मंदिर से जुड़े इस विवाद का समाधान किस प्रकार किया जाता है।