बरेली में गूंजी ‘राष्ट्रमाता’ की मांग: गौवंश संरक्षण के लिए हिंदू संगठनों का शक्ति प्रदर्शन, PM और CM को भेजा ज्ञापन

बरेली में विभिन्न हिंदू संगठनों ने गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने और गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर गौ-तस्करी के खिलाफ आजीवन कारावास जैसे कठोर कानून की मांग उठाई गई।

बरेली में गूंजी ‘राष्ट्रमाता’ की मांग: गौवंश संरक्षण के लिए हिंदू संगठनों का शक्ति प्रदर्शन, PM और CM को भेजा ज्ञापन
बरेली में गूंजी ‘राष्ट्रमाता’ की मांग: गौवंश संरक्षण के लिए हिंदू संगठनों का शक्ति प्रदर्शन, PM और CM को भेजा ज्ञापन
HIGHLIGHTS:

गौ माता को 'राष्ट्रमाता' और उत्तर प्रदेश में 'राज्यमाता' का दर्जा देने की उठी मांग।

गौ-तस्करी और गौवध के दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्की की चेतावनी।

हिंदू सुरक्षा सेवा संघ और गो सम्मान आवाहन अभियान ने सिटी मजिस्ट्रेट व SDM को सौंपा ज्ञापन।

स्कूलों में 'गो-विज्ञान' विषय और हर जिले में गो-एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव।

जन माध्यम

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में गौवंश संरक्षण, संवर्धन और गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर सोमवार को हिंदू संगठनों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग उठाई और इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे।

‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अनाथालय, सिविल लाइंस से कचहरी तहसील तक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गौ-तस्करी और गौवध को “संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध” घोषित किया जाए। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और उनकी संपत्ति कुर्क करने के साथ-साथ प्रदेश के सभी कसाईखानों के लाइसेंस तत्काल निरस्त करने की पुरजोर मांग की गई।

हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री 1008 राजू दास जी महाराज, प्रदेश अध्यक्ष अनूप खेतान और सचिन सक्सेना के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं। नेताओं ने चिंता जताई कि आजादी के समय प्रति व्यक्ति 10 गौवंश उपलब्ध थे, जो अब घटकर 10 व्यक्तियों पर मात्र 1 रह गए हैं। देशी गौवंश विलुप्ति के कगार पर है, जिसे बचाना अनिवार्य है।

प्रमुख मांगें जो ज्ञापन में शामिल रहीं:

  1. राष्ट्रमाता का दर्जा: देशी गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र-आराध्या’ और यूपी में ‘राज्यमाता’ घोषित किया जाए।

  2. नया कानून व मंत्रालय: संविधान के अनुच्छेद 48 में संशोधन कर ‘केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू हो और पृथक ‘गोपालन मंत्रालय’ बने।

  3. शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूलों में ‘गो-विज्ञान’ विषय अनिवार्य हो और राजमार्गों पर ‘गो-एम्बुलेंस’ व ‘गो-ट्रॉमा सेंटर’ की व्यवस्था हो।

  4. पंचगव्य अर्थव्यवस्था: गौ आधारित प्राकृतिक खेती और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू हों।

इस दौरान हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ-साथ गो सम्मान आवाहन अभियान के सोनू ठाकुर, अमित राठौर, संजय शुक्ला, बजरंग दल से नीरज मिश्रा, आशीष मिश्रा, गौतम कश्यप, वंश राजपूत, शिवम ठाकुर, प्रशांत पंडित, विहान शर्मा, निर्दोष राठौर, गौरव शर्मा और विशाल सक्सेना सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कड़े कदम उठाती है, तो उत्तर प्रदेश ‘सुरक्षित गो प्रदेश’ बनकर पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा।