सुरक्षा का संकल्प, सौहार्द का संदेशः एडीजी

एडीजी रमित शर्मा ने कांवड़ यात्रा और उर्स ए रिज़वी को लेकर संभाली कमान, पांच जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बनाई व्यापक रणनीति

सुरक्षा का संकल्प, सौहार्द का संदेशः एडीजी
HIGHLIGHTS:

कानून का इक़बाल और इंसानियत का एहतराम यही है एडीजी रमित शर्मा की सुरक्षा नीति का मूल मंत्र

आस्था की राह पर अमन का  पहरा एडीजी रमित शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था को दी नई धार

​​​​​​​कांवड़ यात्रा और उर्स ए रिज़वी के लिए तैयार हुआ पूरा जोन 

जन माध्यम 
बरेली।
जब करोड़ों आस्थाएं सड़कों पर उतरती हैं, जब एक ओर भोले के जयकारों से वातावरण गूंजेगा और दूसरी ओर उर्स ए रिज़वी में अकीदतमंदों की दुआएं दरगाह की फिजाओं को रौशन करेंगे गी, तब केवल पुलिस व्यवस्था ही नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व की भी सबसे बड़ी परीक्षा होती है। बरेली जोन के  एडीजी रमित शर्मा ने इसी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हुए कांवड़ यात्रा 2026 और आगामी उर्स ए रिज़वी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। उनकी अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सूक्ष्म योजना और मजबूत निगरानी के साथ लागू होगी।

बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर और रामपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को एक मंच पर लाकर एडीजी रमित शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून व्यवस्था किसी एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे जोन की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के बीच लगातार संवाद, त्वरित सूचना के आदान प्रदान और आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर विशेष बल दिया, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

एडीजी रमित शर्मा ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख शिविरों, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर सभी सुरक्षा इंतजाम समय से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यात्रा मार्गों पर निर्बाध आवागमन, प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन, पर्याप्त पार्किंग, सुचारु यातायात संचालन और भीड़ नियंत्रण की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने केवल पुलिस व्यवस्था तक ही अपने निर्देश सीमित नहीं रखे, बल्कि पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका मानना था कि श्रद्धालुओं और जायरीनों को सुरक्षित माहौल के साथ सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उर्स ए रिज़वी को लेकर भी एडीजी ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। दरगाह क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, मजबूत बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उन्होंने कहा कि लाखों जायरीनों की आमद के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।

बैठक के दौरान सोशल मीडिया की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। एडीजी रमित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी रखी जाए। किसी भी भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सूचना पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में अमन, भाईचारा और सौहार्द का वातावरण कायम रहे।

उन्होंने आयोजकों, कांवड़ सेवा समितियों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, सम्मानित नागरिकों और शांति समिति के सदस्यों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि कानून व्यवस्था केवल पुलिस बल के दम पर नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और आपसी विश्वास से मजबूत होती है। संवाद ही वह पुल है, जो हर परिस्थिति में शांति का रास्ता तैयार करता है।

एडीजी रमित शर्मा ने सभी राजपत्रित अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, प्रत्येक व्यवस्था की व्यक्तिगत निगरानी करने और हर छोटी बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी अधिकारी केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का आकलन करे।

समीक्षा बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत और रामपुर सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।