बरेली: गुरुजी ने तोड़ी शिक्षिका की उंगली, अफसरों ने मरोड़ा कानून; महिला BSA के राज में डेढ़ साल से न्याय को तरस रही पीड़िता
बरेली के उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारा में दबंग इंचार्ज अध्यापक प्रमोद कुमार पर शिक्षिका की उंगली तोड़ने का आरोप। महिला BSA डॉ. विनीता और BEO पूरन सिंह पर कार्रवाई न करने और आईजीआरएस पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट लगाने के गंभीर आरोप।
दबंगई की इंतहा: उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारा के इंचार्ज अध्यापक प्रमोद कुमार पर सहकर्मी शिक्षिका सीमा शर्मा की रिंग फिंगर (उंगली) मरोड़कर तोड़ने का संगीन आरोप
अफसरों की सुस्ती: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. विनीता खुद महिला अधिकारी होने के बावजूद डेढ़ साल से पीड़ित शिक्षिका को न्याय दिलाने में नाकाम
IGRS पर खेल: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पूरन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर झूठी और भ्रामक आख्याएं भेजकर आरोपी को क्लीन चिट देने का प्रयास किया
बरेली। उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर 'मिशन शक्ति' और नारी सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े प्रशासनिक दावे किए जाते हैं, वहीं बरेली के बेसिक शिक्षा विभाग से संवेदनशीलता को शर्मसार करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित शिक्षिका पिछले डेढ़ साल से अपनी टूटी उंगली का मेडिकल और एफआईआर लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अफसर इंसाफ देने के बजाय कानून को मरोड़ने में जुटे हैं।
स्कूल परिसर के भीतर गुंडागर्दी, मरोड़कर तोड़ दी उंगली
पूरा मामला जनवरी 2025 का है, जब उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारा में कार्यरत इंचार्ज अध्यापक प्रमोद कुमार पर आरोप लगा कि उन्होंने स्कूल परिसर के भीतर ही सरेआम गुंडागर्दी दिखाते हुए अपनी सहकर्मी शिक्षिका सीमा शर्मा का हाथ मरोड़ दिया। इस बर्बरता के कारण शिक्षिका की 'रिंग फिंगर' टूट गई। आम तौर पर ऐसी गंभीर घटना के बाद आरोपी के खिलाफ त्वरित विभागीय एक्शन होना चाहिए था, लेकिन यहाँ आरोपी शिक्षक पूरी ठसक के साथ पद पर बना हुआ है और विभागीय वेतन का लाभ ले रहा है।
महिला BSA के राज में घिस रही न्याय की चौखट
इस पूरे प्रकरण का सबसे विडंबनापूर्ण पहलू यह है कि बरेली जनपद की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. विनीता खुद एक महिला प्रशासनिक अधिकारी हैं। पीड़ित शिक्षिका सीमा शर्मा अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर लगातार आला अफसरों की चौखट पर न्याय की भीख मांग रही हैं, मगर विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एक महिला अधिकारी के शीर्ष पद पर रहते हुए भी पीड़ित महिला का स्वाभिमान और इंसाफ फाइलों के नीचे दम तोड़ रहा है।
BEO पूरन सिंह पर मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल को गुमराह करने का आरोप
मामले में असली खेल तब उजागर हुआ जब शिक्षिका ने मुख्यमंत्री के ऑनलाइन आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि क्यारा के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पूरन सिंह ने आरोपी शिक्षक के लिए सुरक्षा कवच का काम किया। उन्होंने कथित तौर पर ऐसी काल्पनिक और भ्रामक जांच आख्याएं बनाकर शासन को भेजीं, जिससे आरोपी प्रमोद कुमार को दूध का धुला साबित किया जा सके।
पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर को ठंडे बस्ते में डालकर जिस तरह स्थानीय स्तर पर कागजी क्लीन चिट का खेल खेला जा रहा है, उसने शिक्षा विभाग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब रक्षक ही भक्षक को बचाने की साठगांठ में शामिल हो जाएं, तो सूबे में बेटियां और महिला कर्मचारी आखिर किससे सुरक्षा की उम्मीद करें?