बरेली: हजरत मोती मियां निजामी का 3 दिवसीय सालाना उर्स 3 जून से

बरेली के रामपुर रोड स्थित दरगाह हजरत मुर्तजा हुसैन निजामी (मोती मियां) का सालाना उर्स 3 जून से शुरू हो रहा है। 5 जून को अकीदतमंदों को सरकार गौसे आजम के तबर्रुकात की जियारत कराई जाएगी।

बरेली: हजरत मोती मियां निजामी का 3 दिवसीय सालाना उर्स 3 जून से
खानकाह-ए-निजामिया के गद्दीनशीन हजरत पाशा मियां निजामी और कमेटी पदाधिकारी प्रेस वार्ता के दौरान उर्स-ए-निजामिया के पोस्टर और पम्फलेट का विमोचन करते हुए।
HIGHLIGHTS:

3 दिवसीय उर्स का आगाज: रामपुर रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी गेट पर दरगाह हजरत मुर्तजा हुसैन निजामी (मोती मियां) एवं हजरत गैस अली कोड़ा शाहा बाबा का सालाना उर्स 3 जून से 5 जून तक आयोजित होगा

पोस्टर का विमोचन: खानकाह-ए-निजामिया के गद्दीनशीन हजरत पाशा मियां निजामी की सरपरस्ती में उर्स के पोस्टर का आधिकारिक विमोचन कर दिया गया है

खास आकर्षण: उर्स के अंतिम दिन यानी 5 जून को अकीदतमंदों के लिए सरकार गौसे आजम के पवित्र तबर्रुकात की विशेष जियारत कराई जाएगी

रिपोर्ट: हसीन दानिश, बरेली।

उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में रूहानियत और अकीदत का बड़ा केंद्र मानी जाने वाली खानकाह-ए-निजामिया में सालाना उर्स की तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं। रामपुर रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी गेट पर स्थित दरगाह हजरत मुर्तजा हुसैन निजामी नियाजी रहमतुल्ला अलैह (मोती मियां) एवं हजरत गैस अली कोड़ा शाहा बाबा का 3 दिवसीय सालाना उर्स-ए-पाक आगामी 3 जून से 5 जून तक पूरी शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। उर्स के कार्यक्रमों की आधिकारिक रूपरेखा तय कर पोस्टर का विमोचन भी कर दिया गया है।

प्रेस वार्ता में दी गई उर्स कार्यक्रम की जानकारी

सिविल लाइंस स्थित प्रसाद टॉकीज के पास सेंट्रल पैलेस मैरिज हॉल में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि खानकाह-ए-निजामिया के गद्दीनशीन हजरत पाशा मियां निजामी की सरपरस्ती में इस बार भी उर्स की भव्य तैयारियां की गई हैं। इस तीन दिवसीय धार्मिक समागम में बरेली जिले के अलावा देश के कोने-कोने से भारी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद शिरकत करेंगे, जिसकी झलक तसवीर में पोस्टर विमोचन के दौरान साफ देखी जा सकती है।

गुस्ल शरीफ और कुल की फातिहा का पूरा शेड्यूल

  • 3 जून (पहला दिन): उर्स का आगाज सुबह 10:00 बजे पारंपरिक गुस्ल शरीफ की रस्म के साथ होगा। दिनभर मजार शरीफ पर चादरपोशी का सिलसिला चलेगा। शाम 5:30 बजे महफिल-ए-समा (कव्वाली) सजेगी और राग शरीफ के नजराने के बाद शाम 6:30 बजे हजरत मोती मियां निजामी के कुल शरीफ की फातिहा पढ़ी जाएगी।

  • 4 जून (दूसरा दिन): यह दिन हजरत गैस अली कोड़ा शाहा बाबा के नाम रहेगा। फज्र (सुबह) की नमाज के बाद कुरानखानी, गुस्ल शरीफ और सन्दल पेश किया जाएगा। शाम 5:30 बजे दोबारा महफिल-ए-समा होगी और शाम 6:30 बजे रंग शरीफ के बाद कुल की फातिहा अदा की जाएगी।

5 जून को होगी गौसे आजम के तबर्रुकात की जियारत

उर्स के अंतिम दिन यानी 5 जून को सुबह फज्र की नमाज के बाद पवित्र कुरानखानी से दिन की शुरुआत होगी। दिनभर दरगाह परिसर में गुलपोशी और चादरपोशी का दौर चलेगा। उर्स का सबसे मुख्य और रूहानी आकर्षण गद्दीनशीन हजरत पाशा मियां निजामी द्वारा मुरीदों और तमाम अकीदतमंदों को कराए जाने वाले सरकार गौसे आजम के पवित्र 'तबर्रुकात की जियारत' होगी।

इस पूरे भव्य धार्मिक आयोजन को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 'निजामी सेवा ट्रस्ट कमेटी' का गठन कर सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से वसी अहमद वारसी, शादाब कुरैशी, रिजवान नियाजी, खुसरो निजामी, शाजेब अली खान, इब्राहिम निजामी और बड़ी संख्या में कमेटी से जुड़े सेवादार मौजूद रहे।