बिजली व्यवस्था बनी बारूद का ढेर
बरेली के मढ़ीनाथ में ट्रांसफार्मर धधकने से दहशत फैल गई, वहीं लगातार अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से नाराज जनता ने हरूनगला उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया।
भीषण अग्निकांड: मढ़ीनाथ की शांति विहार कॉलोनी में तड़के 3 बजे ट्रांसफार्मर में धमाकों के साथ लगी आग, केबल जलकर राख।
उपकेंद्र पर हंगामा: अघोषित बिजली कटौती से भड़की जनता ने हरूनगला पावर हाउस घेरा, कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद किया।
48 बार ट्रिपिंग: पवन विहार और परसाखेड़ा क्षेत्र में 18 घंटे के भीतर 48 बार ट्रिपिंग से रातभर तड़पे लोग, अफसर फोन बंद कर गायब।
जन माध्यम
बरेली। बिजली विभाग की बदहाल व्यवस्था अब सीधे लोगों की जिंदगी और सुरक्षा पर भारी पड़ने लगी है। कहीं ट्रांसफार्मर आग उगल रहे हैं, कहीं घंटों बिजली गुल है, तो कहीं लगातार ट्रिपिंग ने आम लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि जनता का गुस्सा अब सड़कों और उपकेंद्रों तक पहुंचने लगा है। इसके बावजूद विभाग के बड़े साहब एसी कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं दिखाई दे रहे। मंगलवार तड़के बदायूं रोड स्थित मढ़ीनाथ क्षेत्र की शांति विहार कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। सुबह करीब तीन बजे अचानक ट्रांसफार्मर से उठीं आग की ऊंची लपटों और धमाकों जैसी आवाजों ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें दूर दूर तक दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि आग पास के मकानों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस हादसे ने बिजली विभाग के रखरखाव और मॉनिटरिंग की पोल खोलकर रख दी। करोड़ों रुपये के दावे करने वाला विभाग जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल नजर आया। ट्रांसफार्मर के आसपास लगी बिजली की केबलें, इंटरनेट लाइनें और डिश वायरिंग जलकर राख हो गईं। पूरी कॉलोनी घंटों अंधेरे में डूबी रही, लेकिन जिम्मेदार अफसरों का कहीं अता पता नहीं था। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर केवल लाइनमैन और मजदूर दिखाई दिए, जबकि अवर अभियंता और एसडीओ जैसे अधिकारी नदारद रहे। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि कई बार एक्सईएन और अन्य अधिकारियों को फोन किए गए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव करना तक जरूरी नहीं समझा। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के बड़े साहब केवल बैठकों और कागजी दावों तक सीमित हैं, जबकि जमीन पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
उधर लगातार बिजली कटौती और ट्रिपिंग से नाराज उपभोक्ताओं का गुस्सा सोमवार की देर रात हरूनगला उपकेंद्र पर फूट पड़ा। रात करीब साढ़े बारह बजे बड़ी संख्या में लोग उपकेंद्र पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि कर्मचारियों को खुद को कमरे में बंद करना पड़ा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। यह गुस्सा केवल बिजली कटौती का नहीं, बल्कि विभागीय उपेक्षा और अफसरशाही के खिलाफ था।
पवन विहार इलाके में हालात सबसे बदतर रहे, जहां 18 घंटे में करीब 48 बार बिजली ट्रिप होने का दावा किया गया। दस मिनट बिजली आती और फिर घंटों गायब हो जाती। और परसा खेड़ा बिजली घर बरेली वन बरेली टू कहां ट्रिप होने का दावा किया गया। दस मिनट बिजली आती और फिर घंटों गायब हो भीषण गर्मी और उमस में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पूरी रात परेशान रहे। कृष्णा नगर फेज टू में लो वोल्टेज की समस्या ने लोगों के घरेलू उपकरणों तक को खतरे में डाल दिया। रामपुर बाग, कालीबाड़ी और दुर्गानगर क्षेत्रों में भी हालात अलग नहीं रहे। कहीं तारों में फॉल्ट, कहीं फेस उड़ने और कहीं घंटों हेल्पलाइन नंबर व्यस्त रहने से लोग परेशान होते रहे। जनता का आरोप है कि विभाग के बड़े अधिकारी केवल शिकायतों को दबाने में लगे हैं, समाधान देने में नहीं। अब सवाल यह है कि आखिर शहर की जनता कब तक ट्रांसफार्मरों की आग, अंधेरे और ट्रिपिंग की सजा भुगतती रहेगी? यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनता का गुस्सा आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल शहर में एक ही चर्चा है बिजली विभाग की लापरवाही अब खतरे की सीमा पार कर चुकी है।