बरेली में 90 KMPH की आंधी का तांडव: उड़ते सोलर पैनल की चपेट में आने से युवक की मौत; आश्रम में पेड़ गिरने से 4 घायल

बरेली में 90 किमी/घंटे की रफ्तार से आई आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कैंट के नकटिया में उड़ते सोलर पैनल की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि संत मनी आश्रम में पेड़ गिरने से 4 लोग घायल हो गए।

बरेली में 90 KMPH की आंधी का तांडव: उड़ते सोलर पैनल की चपेट में आने से युवक की मौत; आश्रम में पेड़ गिरने से 4 घायल
HIGHLIGHTS:

बरेली में बुधवार रात करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती आंधी और बारिश ने जमकर कहर बरपाया.

: कैंट के नकटिया में आंगन में सो रहे युवक पर पड़ोसी की छत से उखड़ा भारी सोलर पैनल गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई और एक किशोरी घायल हो गई.

मनी आश्रम में विशाल पीपल का पेड़ गिरने से 4 लोग मलबे में दबकर घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में इलाज जारी है.

जिले में 125 से अधिक खंभे टूटने और फॉल्ट के कारण 27 बिजली उपकेंद्र बंद रहे, जिससे पूरा शहर रातभर अंधेरे में डूबा रहा

सैय्यद शहाबुद्दीन / जन माध्यम
बरेली।
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में बुधवार की रात मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचा दी। दिनभर की भीषण उमस और चिलचिलाती धूप के बाद रात में करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से आई आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर से लेकर देहात तक को हिलाकर रख दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने जहां सैकड़ों कीमती पेड़ों को जमींदोज कर दिया, वहीं अलग-अलग हादसों में एक युवक की जान चली गई और आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

सबसे हृदयविदारक घटना कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत नकटिया इलाके में घटित हुई। यहां एक परिवार का युवक गर्मी के कारण अपने घर के खुले आंगन में सोया हुआ था। आधी रात को आई प्रचंड आंधी के दौरान पड़ोसी के तीन मंजिला मकान की छत पर लगा एक भारी-भरकम कमर्शियल सोलर पैनल स्टैंड सहित उखड़ गया और हवा में तैरता हुआ सीधे युवक के ऊपर आ गिरा।

हादसे में युवक सोलर पैनल और उसके लोहे के फ्रेम के नीचे दबकर लहूलुहान हो गया। परिजन उसे आनन-फानन में निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे में एक किशोरी भी गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसके पैर में फ्रैक्चर आया है।

तूफान का दूसरा बड़ा रूप कैंट क्षेत्र के ही प्रसिद्ध संत मनी आश्रम में देखने को मिला, जहां परिसर में स्थित दशकों पुराना एक विशालकाय पीपल का पेड़ आंधी के दबाव को सहन नहीं कर सका और अचानक उखड़कर बैठ गया। पेड़ की विशाल टहनियों की चपेट में आने से वहां बैठे चार श्रद्धालु व सेवादार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। चीख-पुकार के बीच घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन लोगों का इलाज जारी है और मामूली रूप से चोटिल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

प्रचंड आंधी और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियातन शहर के सभी 27 मुख्य उपकेंद्रों (Sub-stations) की आपूर्ति को पूरी रात ठप रखा। जिलेभर में 125 से अधिक बिजली के पोल टूट गए और 150 से ज्यादा स्थानों पर पेड़ की विशाल शाखाएं हाईटेंशन लाइनों पर गिर गईं।

इसके चलते सीबीगंज इंडस्ट्रियल एरिया, पीलीभीत बाइपास, बदायूं रोड और नैनीताल हाईवे पर यूनिपोल गिरने से रास्ते सुबह तक बंद रहे। रातभर बिजली गुल रहने के कारण लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर बैठ गए, जिससे सुबह पेयजल का भारी संकट खड़ा हो गया।

इस बेमौसम चक्रवात का सबसे बड़ा नुकसान आम के बागवानों को उठाना पड़ा है। पकने की कगार पर खड़ा आम भारी मात्रा में टूटकर जमीन पर आ गिरा, जिससे किसानों को तगड़ा आर्थिक झटका लगा है। इसके उलट, यह आंधी-बारिश उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है जो धान की नर्सरी और रोपाई की तैयारियों में जुटे थे, क्योंकि खेतों में पानी भरने से उन्हें महंगी सिंचाई से मुक्ति मिल गई है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं का अलर्ट जारी रखा है