चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में सौंपा ज्ञापन
बरेली में आजाद समाज पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव समेत चार मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
आजाद समाज पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सांसद की सुरक्षा का थ्रेट असेसमेंट कर जरूरत के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने की मांग।
पंचायत सहायकों, 68,500 शिक्षक भर्ती और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को भी ज्ञापन में शामिल किया।
जन माध्यम
बरेली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रशासन के माध्यम से अपनी आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में चार सूत्रीय मांगों से जुड़ा ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले से जुड़ी घटना, पंचायत सहायकों की मांगों, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया।
पार्टी अध्यक्ष मनोज कुमार ने ज्ञापन में कहा कि 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की घटना सामने आई। इस घटना को लेकर पार्टी ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
हालिया रिपोर्टों में भी बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने और उसके बाद पथराव की खबरें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में वाहनों के क्षतिग्रस्त होने और कार्यकर्ताओं के घायल होने का भी उल्लेख है।
आजाद समाज पार्टी ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा पुलिस की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। साथ ही सांसद की सुरक्षा का तत्काल थ्रेट असेसमेंट कर आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में लखनऊ में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की मांगों का समाधान कराने की मांग भी की गई। इसके अलावा 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग उठाई गई। इस भर्ती से जुड़े आरक्षण के मुद्दे पर अभ्यर्थियों की ओर से भी आयोग की संस्तुतियों को लागू कराने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है।
पार्टी ने धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की। कार्यकर्ताओं ने सभी मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई।
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि उठाए गए सभी मामलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। विशेष रूप से काफिले से जुड़ी घटना में साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की गई, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
ज्ञापन के दौरान अतुल बाल्मीकि, असलम मंसूरी, अच्छन अंसारी एडवोकेट, खुर्शीद, नवल किशोर, मनोज सागर, ब्रह्मस्वरूप सागर, अमर सिंह एडवोकेट, संजय दत्त, प्रमोद आदि मौजूद रहे।