ग्राम प्रधान दावेदारों की झड़प
प्रधान पद की रंजिश में हथियारबंद हमला, दो घायल; गांव में दहशत और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल।
➡️ प्रधान पद की रंजिश में हथियारबंद हमला
➡️ वेदप्रकाश और हिराकली घायल
➡️ ग्रामीणों में दहशत, वीडियो भी रिकॉर्ड
➡️ पुलिस कार्रवाई पर पक्षपात के आरोप
➡️ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
हथियारबंद हमला, ग्रामीणों में दहशत
जन माध्यम
शाही।बरेली। थाना शाही क्षेत्र के गाँव नारा फरीदापुर में प्रधान पद के दावेदारों के बीच रंजिश हिंसक रूप ले गई, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। घटना शनिवा रात करीब साढ़े आठ बजे हुई, जब दबंग प्रवृत्ति के दावेदार टेकचंद उर्फ टिंकू वर्मा अपने पिता नन्हे लाल और करीब 20-25 अज्ञात लोगों के साथ मोटरसाइकिल और कार लेकर प्रेम पाल पुत्र हेमराज के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने हथियारों से लैस होकर प्रेम पाल के घर में घुसकर गाली गलौज और जानलेवा हमला किया। हमले के दौरान प्रेम पाल का चचेरा भाई वेदप्रकाश और बहन हिराकली घायल हो गए। वेदप्रकाश के सिर पर भारी वस्तु से चोट लगी, जबकि हिराकली को भी मारपीट में चोटें आईं। पीड़ित ने बताया कि सर्वेश के हाथ में तमंचा, टिंकू के हाथ में फरसा और नन्हे लाल के हाथ में फावड़ा था। शोर सुनकर ग्रामीण इकठ्ठा हो गए और किसी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने पर आरोपी मौके से भाग गए, जबकि ग्रामीणों ने भागते समय का वीडियो रिकॉर्ड किया।पीड़ित प्रेम पाल ने कहा कि पुलिस ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उनकी तहरीर दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने में बंद कर दिया। घटना के दूसरे दिन विधायक डीसी वर्मा की सलाह पर पीड़ित तहरीर लेकर थाने पहुंचे, तब जाकर पुलिस ने अन्य पक्ष को भी थाने बुलाया। पुलिस ने घायल वेदप्रकाश और हिराकली का मेडिकल कराया, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि गंभीरता के बावजूद रिपोर्ट में पक्षपात किया गया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि जिस पक्ष को ज्यादा चोटें आईं, उसी की तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया है और दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर बैठाया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा और न्याय कैसे सुनिश्चित होगा। ग्रामीण और पीड़ित परिवार की चिंता है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती हैं।