इज्जतनगर डिवीजन की पटरी पर दौड़ी तरक्की

इज्जतनगर रेलवे मंडल ने रैंकिंग, राजस्व और यात्री सेवाओं में शानदार सुधार दर्ज किया। डिजिटलीकरण और सुरक्षा पहल से प्रदर्शन नई ऊंचाई पर।

इज्जतनगर डिवीजन की पटरी पर दौड़ी तरक्की
HIGHLIGHTS:

रैंकिंग में 2019 के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

69 मिलियन यात्रियों से ₹365 करोड़ से अधिक आय

डिजिटलीकरण और यूपीआई भुगतान लागू

सुरक्षा, ट्रैक अपग्रेड और पर्यावरण पर जोर

जन माध्यम

बरेली। इज्जतनगर रेलवे मंडल ने बीते समय में बहुआयामी सुधार और सुनियोजित प्रयासों के दम पर अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ताजा अखिल भारतीय डिवीजनल रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए मंडल ने 2019 के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति हासिल की है, जो प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रमाण है। राजभाषा हिंदी के क्रियान्वयन में भी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 57 केंद्रीय कार्यालयों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं ‘रेल मदद पोर्टल पर शिकायत निस्तारण और सेवा गुणवत्ता में सुधार के चलते राष्ट्रीय स्तर पर 9वां स्थान हासिल किया गया है। यात्री सेवाओं के क्षेत्र में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 69 मिलियन यात्रियों को सेवा प्रदान करते हुए ₹365.46 करोड़ की आय अर्जित की गई, जो अब तक की सर्वोच्च उपलब्धि है। मेल,एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 12 प्रतिशत से अधिक वृद्धि से कनेक्टिविटी में विस्तार हुआ है। चार प्रमुख ट्रेनों में एलएचबी कोच लागू कर सुरक्षा और यात्रा गुणवत्ता को बेहतर किया गया है। माल ढुलाई में भी मंडल ने मजबूती दिखाई है। 952 रेक लोडिंग के माध्यम से ₹161.66 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया, जबकि क्रैक ट्रेनों में 122 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। पार्सल आय में भी 13.65 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। गैर किराया राजस्व में 44.09 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2.75 करोड़ की आय और वाणिज्यिक विविध आय में 106.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी मंडल की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाती है। टिकट चेकिंग के माध्यम से 3.51 लाख मामलों में ₹20.03 करोड़ की वसूली कर रिकॉर्ड स्थापित किया गया। डिजिटलीकरण की दिशा में सभी स्टेशनों पर क्यूआर आधारित यूपीआई भुगतान व्यवस्था लागू की गई है। यूटीएस ऑन मोबाइल के माध्यम से 3.13 मिलियन यात्रियों ने टिकट बुक कर ₹4.15 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। आरसीटी मामलों में क्यूआर कोड आधारित प्रणाली लागू कर पारदर्शिता को बढ़ावा दिया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा के क्षेत्र में ट्रैक उन्नयन, इंटरलॉकिंग सिस्टम, फेंसिंग और अल्ट्रासोनिक परीक्षण जैसे उपायों से रेल संचालन को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया गया है। 22.86 किमी ट्रैक पर गति बढ़ाकर 110 किमी घंटा की गई है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जल पुनर्चक्रण संयंत्र, सौर ऊर्जा स्थापना और पौधरोपण जैसे प्रयास किए गए हैं। 42 नए इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल कर कुल संख्या 200 तक पहुंचाई गई है, जिससे परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर, इज्जतनगर मंडल का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि सुनियोजित रणनीति, तकनीकी नवाचार और पारदर्शी कार्यप्रणाली के माध्यम से रेलवे सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।