स्मार्ट पुलिसिंग: एडीजी का बनाया एआई पीआरओ ‘जारविस’ देगा सुरक्षा के संदेश

स्मार्ट पुलिसिंग: एडीजी का बनाया एआई पीआरओ ‘जारविस’ देगा सुरक्षा के संदेश

बरेली। अब बरेली की सड़कों पर आपको एक अनोखी आवाज सुनाई देगी— "मैं एडीजी का एआई पीआरओ सब इंस्पेक्टर जारविस बोल रहा हूं। हादसों और चालान से बचने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं।" यह आवाज किसी पुलिस अधिकारी की नहीं, बल्कि एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डिजिटल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) की होगी। एडीजी रमित शर्मा ने पुलिसिंग में तकनीक को बढ़ावा देने और जन-जागरूकता फैलाने के लिए इस अभिनव पहल की शुरुआत की है।

कैसे काम करेगा जारविस?

जारविस एक सब-इंस्पेक्टर की रैंक का एआई पीआरओ है, जो स्मार्ट सिटी के कैमरों और पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जुड़ा होगा। यह ऑडियो और वीडियो संदेशों के माध्यम से नागरिकों को यातायात नियमों, सुरक्षा उपायों और साइबर क्राइम जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देगा। सोशल मीडिया के जरिए भी यह एआई पीआरओ सक्रिय रहेगा। एडीजी रमित शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर इस परियोजना की जानकारी साझा की। जिसे लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।

सूचना विकार पर पहली पोस्ट

जारविस ने अपने पहले आधिकारिक संदेश में सूचना विकार (इन्फॉर्मेशन डिसऑर्डर) को लेकर जागरूकता अभियान की जानकारी दी है। इसके साथ ही आठ महत्वपूर्ण लिंक साझा किए। जिनमें इस विषय पर रोचक और उपयोगी जानकारी दी गई है।

तकनीक के प्रति रुचि से जन्मी पहल

एडीजी रमित शर्मा 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके हैं। तकनीक में उनकी गहरी रुचि ने उन्हें पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पुलिस पहले से ही जन-जागरूकता के लिए काम कर रही है। अब एआई तकनीक के जरिए इस प्रयास को और व्यापक बनाया जाएगा। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा यातायात नियमों के पालन को प्राथमिकता दी जाएगी।