मीरगंज: न्यायालय के आदेश पर हुई मेड़बंदी को तोड़ा, पांच नामजद समेत अज्ञातों पर मुकदमा

मीरगंज के सुजातपुर में उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद हुई खेत की मेड़बंदी को दबंगों ने तोड़ा। पुलिस ने पांच नामजद और अज्ञात लोगों पर दर्ज किया मुकदमा।

मीरगंज: न्यायालय के आदेश पर हुई मेड़बंदी को तोड़ा, पांच नामजद समेत अज्ञातों पर मुकदमा
बरेली जनपद के कोतवाली मीरगंज का आधिकारिक दिशा सूचक बोर्ड और परिसर
HIGHLIGHTS:

मीरगंज उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर राजस्व टीम द्वारा की गई खेत की मेड़बंदी और सीमेंट के तूदे उखाड़े।

ग्राम रईया नगला स्थित गाटा संख्या 157 की भूमि के बंटवारे के अगले ही दिन दबंगों ने अंजाम दी वारदात।

पीड़िता शमशीर जहां की तहरीर पर कोतवाली मीरगंज पुलिस ने असगर अली, शाने अली समेत 5 नामजद व अज्ञातों पर दर्ज किया केस।

कर्ण पाल सिंह/जन माध्यम

मीरगंज, बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में न्यायालय के आदेश के बाद हुए भूमि बंटवारे को लेकर दबंगई का एक मामला प्रकाश में आया है। यहां प्रशासनिक आदेश पर कराई गई खेत की मेड़बंदी को क्षतिग्रस्त करने और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीमेंट के तूदे उखाड़ने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। पीड़िता की लिखित शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस ने पांच नामजद तथा चार-आठ अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, मीरगंज के गांव सुजातपुर निवासी शमशीर जहां पत्नी तोला अली ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि ग्राम रईया नगला स्थित गाटा संख्या 157 की 0.376 हेक्टेयर कृषि भूमि में उनका आधा हिस्सा है। इस भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से मामला उपजिलाधिकारी (SDM) न्यायालय मीरगंज में विचाराधीन था। हाल ही में न्यायालय द्वारा विधिक आदेश पारित किए जाने के बाद भूमि का न्यायसंगत बंटवारा कर दिया गया था तथा राजस्व अभिलेखों में भी दोनों पक्षों की हिस्सेदारी अलग-अलग दर्ज कर दी गई थी।

शिकायत के अनुसार, बीते 30 मई को राजस्व विभाग की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में खेत की घेराबंदी कराते हुए सीमेंट के स्थायी तूदे लगवाए थे। पीड़िता का आरोप है कि प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से बौखलाए कुछ विपक्षी लोग अगले ही दिन खेत पर पहुंच गए। उन्होंने वहां शासन द्वारा लगाए गए सीमेंट के तूदे उखाड़ फेंके तथा पूरी मेड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पीड़िता शमशीर जहां का यह भी गंभीर आरोप है कि जब उन्होंने खेत पर पहुंचकर इस अवैध हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें सरेआम जान से मारने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। दबंगों की इस हरकत से सहमे परिवार ने तुरंत मीरगंज कोतवाली पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और कार्रवाई की मांग की।

कोतवाली मीरगंज पुलिस ने तहरीर के पुख्ता आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी असगर अली, शाने अली, मुसब्बिरी, नसीम जहां तथा एक अन्य नामजद व्यक्ति सहित चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस पूरे विवाद के संबंध में मीरगंज पुलिस प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन और सरकारी प्रक्रिया के तहत लगाई गई मेड़ को तोड़ना कानूनन अपराध है। पुलिस द्वारा मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।