मेरठ में बनेगा 800 करोड़ का ज्वैलरी पार्क
मेरठ विकास प्राधिकरण ने वेदव्यासपुरी में प्रस्तावित 800 करोड़ रुपये के ज्वैलरी पार्क का प्रारूप प्रस्तुत किया। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह परियोजना सर्राफा कारोबार को नई पहचान देगी।
• वेदव्यासपुरी में 800 करोड़ रुपये की लागत से ज्वैलरी पार्क विकसित किया जाएगा।
• पार्क का डिजाइन मुकुट और झुमके की आकृति पर आधारित होगा।
• आधुनिक व्यापारिक और उत्पादन सुविधाओं से सर्राफा कारोबार को नई पहचान मिलेगी।
जन माध्यम
मेरठ। देश के प्रमुख सर्राफा कारोबार केंद्रों में शामिल मेरठ को जल्द ही एक अत्याधुनिक ज्वैलरी पार्क की सौगात मिलने जा रही है। मेरठ विकास प्राधिकरण ने वेदव्यासपुरी में प्रस्तावित करीब 800 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रारूप सर्राफा कारोबारियों के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे लेकर व्यापार जगत में उत्साह का माहौल है।
पीएल शर्मा मैदान के निकट आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित ज्वैलरी पार्क को विशेष वास्तुशिल्पीय पहचान के साथ विकसित किया जाएगा। पार्क का स्वरूप मुकुट की आकृति में होगा, जबकि मुख्य प्रवेश द्वार झुमके के डिजाइन पर आधारित रहेगा। यह संरचना मेरठ की आभूषण निर्माण परंपरा और व्यापारिक विरासत को दर्शाएगी।
अधिकारियों के अनुसार वेदव्यासपुरी में लगभग 36 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस पार्क में आभूषण उद्योग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए एकीकृत व्यवस्था होगी। परिसर में आधुनिक शोरूम, थोक व्यापार केंद्र, कारीगर कार्यशालाएं, उत्पादन इकाइयां, प्रदर्शनी स्थल, बैंकिंग सुविधाएं और साझा सेवा केंद्र विकसित किए जाएंगे।
परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अलावा व्यापारियों और खरीदारों के लिए ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अलग-अलग व्यापारिक गतिविधियों के लिए पृथक प्रवेश व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत ढांचा इस परियोजना को देश के प्रमुख ज्वैलरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तुतीकरण के दौरान कारोबारियों को आवंटन प्रक्रिया, संभावित दरों और व्यापारिक अवसरों की जानकारी भी दी गई। सर्राफा व्यापारियों ने इस परियोजना को मेरठ के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसका स्वागत किया।
प्रस्तावित ज्वैलरी पार्क से मेरठ की पहचान आभूषण उद्योग के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।