सावन के पहले सोमवार पर त्रिवटीनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के पहले सोमवार पर बरेली के त्रिवटीनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा।
सावन के पहले सोमवार पर त्रिवटीनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
कछला गंगा घाट से लाए गंगाजल से शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक।
पुलिस, सिविल डिफेंस और मंदिर समिति ने संभाली व्यवस्थाएं।
जन माध्यम
बरेली। सावन माह के पहले सोमवार पर बरेली के प्राचीन त्रिवटीनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगनी शुरू हो गईं। "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कछला गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचे हजारों शिवभक्तों ने भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने शहद, दूध, दही, बेलपत्र, भांग, धतूरा, काले तिल, फल और मिष्ठान अर्पित कर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि, प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों तथा मंदिर समिति ने सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभाली। कतारबद्ध दर्शन, जलाभिषेक और आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंदिर से जुड़े संजीव औतार ने बताया कि त्रिवटीनाथ मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष है। उनके अनुसार वर्षों पूर्व यह स्थान घने जंगल से घिरा हुआ था और मान्यता है कि यहीं भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे। इसी आस्था के चलते सावन माह में दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।