नामी बिल्डर सोबती पर धोखाधड़ी का आरोप

बरेली के प्रसिद्ध बिल्डर चरनपाल सिंह सोबती पर गोल्डन ग्रीन पार्क हाउसिंग प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा है। पीड़ित ने 8.32 लाख रुपये देने के बाद भी मकान न मिलने पर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

नामी बिल्डर सोबती पर धोखाधड़ी का आरोप
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली के बिल्डर चरनपाल सिंह सोबती पर धोखाधड़ी का आरोप
➡️ पीड़ित से 8.32 लाख रुपये लेकर भी नहीं दिया मकान
➡️ जातिसूचक गालियाँ और धमकी देने का आरोप
➡️ थाना बारादरी में FIR दर्ज, जांच जारी
➡️ सोबती बिल्डर्स पर पहले भी विवादों के आरोप

गोल्डन ग्रीन पार्क मकान सौदे में विवाद, पीड़ित ने थाने में दी तहरीर

जन माध्यम 
बरेली।
शहर के नामी बिल्डर चरनपाल सिंह सोबती एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर इस बार धोखाधड़ी, रकम हड़पने और जातिसूचक शब्दों से गालीगलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला शहर के प्रतिष्ठित गोल्डन ग्रीन पार्क हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है, जहाँ कई साल पहले मकान खरीदने का सौदा किया गया था।

बिहारीपुर निवासी आकाश पुष्कर ने थाना बारादरी में चरनपाल सिंह सोबती, उनकी फर्म की प्रबंधक अंजू रंधावा, सहयोगी अनूप कुमार पांडेय, कर्मचारी सुदर्शन और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में आकाश ने लिखा है कि लगभग बीस वर्ष पहले उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. सुषमा गौड़ियाल के नाम से सोबती बिल्डर्स से मकान खरीदने का सौदा किया था। इस दौरान उन्होंने करीब 8.32 लाख रुपये की राशि अदा की, मगर बदले में बिल्डर ने पक्की रसीद नहीं दी  केवल कच्चा कागज थमा दिया।

जब उन्होंने असली रसीद की मांग की तो बिल्डर के कर्मचारियों ने कहा कि आयकर विभाग से बचने के लिए ऐसा किया जाता है। इस बात पर आकाश ने आपत्ति जताई, मगर वर्षों तक उन्हें मकान नहीं मिला।

आकाश का कहना है कि कुछ साल पहले जब उन्होंने फिर बिल्डर से संपर्क किया तो सोबती ने दावा किया कि उनके पैसे में से केवल पचास हजार ही जमा हैं, बाकी रकम का कोई रिकॉर्ड नहीं। इस के बाद आकाश ने बताया इस पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू की, आकाश के अनुसार जिसके बाद सोबती ने स्वीकार किया कि पूरी रकम मिल चुकी है। इसके बावजूद, उन्हें मकान देने के नाम पर पहले 18 लाख और फिर 54 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।

पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने इस मांग का विरोध किया तो सोबती और उनके साथियों ने जातिसूचक गालियाँ दीं और धमकाया कि ज्यादा बोलोगे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।आकाश पुष्कर ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला संगठित धोखाधड़ी का है और उनके साथ आर्थिक तथा सामाजिक रूप से अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा अगर मेरे साथ कुछ अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सोबती और पुलिस प्रशासन की होगी।थाना बारादरी पुलिस ने आकाश पुष्कर की तहरीर पर धोखाधड़ी, धमकी और एससी,एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सोबती बिल्डर्स पर इससे पहले भी कई विवादित परियोजनाओं और उपभोक्ताओं से धनराशि वसूलने के आरोप लग चुके हैं। पुलिस अब मामले की आर्थिक और कानूनी दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।

यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुए कथित अन्याय का प्रतीक है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में उपभोक्ताओं के शोषण की एक और कड़ी बनकर सामने आया है।