झोलाछाप के गलत इलाज से युवक की हालत गंभीर

बरेली में झोलाछाप द्वारा किए गए कथित ऑपरेशन के बाद युवक की हालत गंभीर हो गई। क्लीनिक सील होने के बावजूद आरोपी पर कार्रवाई न होने से परिजनों में आक्रोश है।

झोलाछाप के गलत इलाज से युवक की हालत गंभीर
HIGHLIGHTS:

➡️ मामूली पेट दर्द पर कथित ऑपरेशन
➡️ ऑपरेशन के बाद लगातार खून बहने का आरोप
➡️ युवक जिंदगी–मौत की जंग लड़ रहा
➡️ स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक किया सील

हसीन दानिश । जन माध्यम
बरेली।
जिले के बारादरी थाना क्षेत्र के डोहरा गौटिया गांव निवासी एक युवक झोलाछाप के गलत इलाज का शिकार हो गया। पीड़ित शिशुपाल का आरोप है कि उसके बेटे अजय को मामूली पेट दर्द की शिकायत पर पीलीभीत बाईपास स्थित एक कथित क्लीनिक में ले जाया गया, जहां खुद को डॉक्टर बताने वाले व्यक्ति ने ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अब वह जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा है।

परिजनों के मुताबिक, कथित सर्जरी के बाद अजय को लगातार उल्टियां होने लगीं और शरीर से खून बहता रहा। कई बार पट्टियां बदली गईं और टांके लगाए गए, लेकिन रक्तस्राव नहीं रुका। परिवार ने क्लीनिक संचालक से मदद की गुहार लगाई, पर कोई सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे अन्यत्र इलाज के लिए ले गए।

मामले की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया, लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज हुई है और न ही कोई ठोस कानूनी कार्रवाई की गई है। इससे पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। बुधवार को शिशुपाल अपने बीमार बेटे को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।

परिजनों का आरोप है कि जिले में झोलाछापों के खिलाफ केवल दिखावटी कार्रवाई की जाती है। क्लीनिक सील होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा है। वहीं आरोपी ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।

इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।

घटना ने एक बार फिर जिले में झोलाछापों की सक्रियता और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।