अल्टीमेटम: सेमीखेडा चीनी मिल अफसरों को भाकियू महात्मा टिकैत जिलाध्यक्ष ने चेताया
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सेमीखेडा चीनी के अफसर नए-नए ड्रामे बंद करें, होगा आन्दोलन: दुर्गेश
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ठप पड़ी सेमीखेडा चीनी मिल 36 घंटे बाद शुरू हुई
देवरनियां, बरेली। जनपद की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा का पेराई सत्र आए-दिन ठप होने से आजिज आए भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। यूनियन के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने कहा है कि बायरल की नौटंकी बहुत हो चुकी, अब मिल अफसरों के खिलाफ आंदोलन होगा। जबकि 36 घंटे बाद ठप हुई मिल शुरू हो गई है।
बरेली जनपद में मात्र एक ही किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा है, मगर यह ठीक से नहीं चल पा रही है। हर सीजन में मशीनरी की खामी वजह से आए-दिन मिल ठप हो जाती है। नवम्बर से शुरू हुई मिल अब तक कई बार ठप हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह से मिल संकट से गुजर रही थी, साफ्ट के टूटने की वजह से बृहस्पतिवार तक मिल कुछ घंटे रुक रुक चल रही थी, लेकिन बायरल की खामी की वजह से सेमीखेडा चीनी मिल बृहस्पतिवार रात 12 बजे से पूरी तरह ठप हो गई, जो कि 36 घंटे बाद शनिवार को दोपहर में चली। मिल प्रबंधन का दावा है कि मिल शनय दोपहर 12 बजे शुरू हो गई थी। फिलहाल तो मिल सही चल रही है।
इधर भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने बार-बार ठप होने वाली मिल पर सख्त तेवर दिखाते हुए मिल अफसरों और कर्मचारियों को चेताया है। उन्होंने कहा है, कि मिल के अफसर और कर्मचारी नए-नए ड्रामे बंद करें,वरना टकराने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा है कि बायरल खराब की नौटंकी बहुत हो चुकी। अब मिल सही से नहीं चली तो आंदोलन होगा। कहा कि 22 जनवरी को बरेली नगर निगम में महापंचायत होगी, जिसमें पांच हजार किसान होंगे,उसके बाद सेमीखेडा चीनी मिल को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
"सेमीखेडा चीनी मिल के अधिकारी व कर्मचारी नए-नए ड्रामे करना बंद कर दें, बायरल खराब होने की नौटंकी बहुत हो चुकी। हम अब आंदोलन करेगें।"
दुर्गेश मौर्य, जिलाध्यक्ष भाकियू महात्मा टिकैत