बिजली विभाग में भरोसे की वापसी
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश की संवेदनशील और पारदर्शी कार्यशैली से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। बिजली बिल राहत योजना 2025 से हजारों लोग जुड़े हैं और विभाग में भरोसा लौटा है।
➡️ चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश की संवेदनशील कार्यशैली
➡️ बिजली बिल राहत योजना 2025 को जमीन पर उतारा
➡️ 100% ब्याज माफी, मूलधन पर 25% तक छूट
➡️ विद्युत चोरी मामलों में 50% तक राहत
➡️ 34 हजार से ज्यादा उपभोक्ता योजना से जुड़े
➡️ 33 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त
➡️ पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर
जन माध्यम। बरेली।
बिजली सिर्फ तारों में दौड़ता करंट नहीं होता,यह हर घर की धड़कन है। जब यही धड़कन बार बार रुकती है, बिल बोझ बन जाते हैं और विभाग की दूरी बढ़ जाती है, तब किसी ऐसे अधिकारी की जरूरत होती है जो फाइलों से निकलकर लोगों के बीच आए। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने यही कर दिखाया है। ज्ञान प्रकाश ने पद संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया कि बिजली विभाग अब सिर्फ वसूली का नाम नहीं रहेगा, बल्कि सेवा, संवाद और समाधान उसकी पहचान बनेगी। वर्षों से बकाया बिलों और ब्याज की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल राहत योजना 2025 को जमीन पर उतारना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। पावर कॉरपोरेशन ने योजना के जरिए उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत ब्याज माफी, मूलधन पर 25 प्रतिशत तक की छूट और विद्युत चोरी के मामलों में 50 प्रतिशत तक राहत दी गई यह फैसला सिर्फ आर्थिक नहीं, मानवीय भी था।
चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश के निर्देश पर विभागीय अधिकारी कार्यालयों में सीमित न रहकर गलियों, गांवों और चौराहों तक पहुंचे। उपभोक्ता जागरूकता यात्राओं के माध्यम से लोगों को यह एहसास दिलाया गया कि विभाग उनके साथ खड़ा है, उनके खिलाफ नहीं। यही कारण है कि अब तक 34 हजार से अधिक उपभोक्ता योजना से जुड़ चुके हैं और विभाग को करीब 33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है बिना किसी दबाव, बिना डर के। ज्ञान प्रकाश की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत है पारदर्शिता और जवाबदेही। अधिकारियों को साफ निर्देश हैं फोन उठे, शिकायत सुनी जाए और समाधान समय पर हो। फील्ड पर उतरकर हालात देखने की आदत ने विभागीय अमले में भी जिम्मेदारी का एहसास पैदा किया है।
सोमवार को शहर से लेकर ग्रामीण तक के आसपास के इलाकों में बिजली विभाग को लेकर जो भरोसा लौटता दिख रहा है, उसके पीछे किसी विज्ञापन की नहीं, बल्कि एक संवेदनशील अधिकारी की सोच की ताकत है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश साबित कर रहे हैं कि जब नीयत साफ हो, तो सिस्टम भी जनता के पक्ष में खड़ा हो सकता है।